
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / लखनऊ : कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को भारत सरकार की Integrated Scheme in Skilling Architecture (ISSA) के अंतर्गत देश के 5 राज्यों – आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम, बिहार और उत्तर प्रदेश द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष अपने-अपने राज्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग डॉ. हरिओम ने उप्र सरकार के एकीकृत कौशल विकास मॉडल का प्रस्तुतीकरण किया। इसमें विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, उद्योग सहभागिता, रोजगार एवं उद्यमिता तक को एकीकृत करते हुए राज्य इंटर्नशिप योजना, कौशल मंदिर, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, रोजगार संगम पोर्टल के सुदृढ़ीकरण, करियर काउंसलिंग, अप्रेंटिसशिप विस्तार तथा विद्यालय-उद्योग क्लस्टर मॉडल जैसे नवाचारों का विवरण दिया गया।
प्रस्तुतीकरण के उपरांत केंद्रीय वित्त मंत्री ने उप्र सरकार के समग्र एवं अभिसरण आधारित कौशल विकास मॉडल की भरपूर प्रशंसा की और इसे विभिन्न विभागों के समन्वय से तैयार एक प्रभावी पहल बताया।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने विशेष रूप से उप्र सरकार द्वारा कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, इंटर्नशिप एवं इंडस्ट्री विजिट को प्रोत्साहित करने के सुझाव की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर उद्योगों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही आईटीआई शिक्षा में अंग्रेजी भाषा को क्वालिफाइंग विषय के रूप में लागू करने के सुझाव को संचार कौशल और रोजगार क्षमता बढ़ाने वाला दूरदर्शी कदम बताया।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने उप्र सरकार की महत्वाकांक्षी “एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)” योजना की भी विशेष प्रशंसा की और इसे स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक उत्पादों एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाला सफल मॉडल बताते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ इसके समन्वय की सराहना की।