
अशोक यादव, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) से पूरी तरह मुक्त करने, नए मामलों की शीघ्र पहचान और प्रभावित व्यक्तियों को समाज में गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से एक पांच वर्षीय वृहद् नीतिगत कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इन प्राथमिकताओं पर विस्तृत विखंडित विमर्श हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में होटल ताज महल, लखनऊ में दो दिवसीय उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ. यह आयोजन राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, आईएलईपी इंडिया, निप्पोन फाउंडेशन तथा सासाकावा हेल्थ फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से मुस्तैदी से किया जा रहा है.
मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, वी. हेकाली झिमोमी और योहेई सासाकावा ने किया उद्घाटन
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि व राज्य स्वास्थ्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) वी. हेकाली झिमोमी तथा सासाकावा हेल्थ फाउंडेशन के वैश्विक अध्यक्ष योहेई सासाकावा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. स्वास्थ्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां साझा करते हुए कहा कि जैसे हमने जेई (जापानी इन्सेफलाइटिस) पर पूरी तरह काबू पाया है, वैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर चिन्हित १० मुख्य विषयों पर काम करते हुए प्रदेश को कुष्ठ-मुक्त बनाया जाएगा. प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने उच्च प्रसार वाले जनपदों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) के माध्यम से सघन खोज अभियान चलाने और सामाजिक कलंक व बहिष्कार को विलोपित करने पर कड़ा नीतिगत ज़ोर दिया.

डॉ. जया देहलवी ने रखी राज्य की आख्या; डब्लूएचओ के डॉ. इवान वर्चुअल माध्यम से जुड़े
राज्य कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जया देहलवी ने महत्वपूर्ण विधिक आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य में उपचार पूर्ण करने की दर 97 प्रतिशत से अधिक है. संक्रमण से बचाव हेतु संपर्कों को रिफैम्पिसिन की एकल खुराक दी जा रही है तथा प्रभावितों को पेंशन, विशेष चप्पल व पुनर्वास सेवाओं से मुस्तैदी से जोड़ा जा रहा है. सम्मेलन में वर्चुअली सम्मिलित हुए भारत में डब्लूएचओ (WHO) के प्रतिनिधि डॉ. इवान जे.-एफ. हुटिन ने बताया कि यूपी के सभी 75 जिलों में प्रसार दर प्रति 10,000 आबादी पर 0.34 है, जो बेहद सराहनीय है. इस ऐतिहासिक अवसर पर केजीएमयू, बीएचयू व एम्स गोरखपुर के चिकित्सा कप्तानों की उपस्थिति के बीच कुष्ठ उन्मूलन के प्रति संकल्पबद्धता जताते हुए सभी अधिकारियों ने ‘लखनऊ डिक्लेरेशन’ पर हस्ताक्षर किए.