बीबीएयू और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में समझौता; कुलपति प्रो. मित्तल की अध्यक्षता में ‘लर्न एंड अर्न’ कौशल विकास पर हस्ताक्षर

अशोक यादव, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के विद्यार्थियों को वित्तीय बाज़ारों की व्यावहारिक समझ देने और उनके कौशल विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक ऐतिहासिक गठजोड़ हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल की गरिमामयी अध्यक्षता में बीबीएयू तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE), मुम्बई के मध्य एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर विधिक हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी छात्रों में ‘लर्न एंड अर्न’ (सीखो और कमाओ) की क्षमता विकसित करने तथा उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

अविष्कार नायक और कुलसचिव डॉ. अश्विनी सिंह की मौजूदगी में हुआ विधिक समझौता
इस समझौता ज्ञापन के अवसर पर एनएसई मुम्बई की ओर से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री अविष्कार नायक, वाइस प्रेसिडेंट श्री जोगिंदर सिंह और उत्तर प्रदेश की स्टेट हेड श्रुति शर्मा प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहीं । वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का विधिक पक्ष रखने के लिए डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस विक्टर बाबू, कुलसचिव डाॅ. अश्विनी कुमार सिंह तथा प्रो. ओम प्रकाश शुक्ला मंचासीन रहे। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक परिवेश में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए शेयर बाज़ार, वित्तीय नियोजन और बजट निर्माण की व्यावहारिक समझ होना अत्यंत आवश्यक है।

शिक्षकों को ‘पार्टी ट्रेनर’ का प्रमाणन; शेयर बाज़ार व म्यूचुअल फंड की मिलेगी ट्रेनिंग
इस दूरगामी एमओयू (MoU) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों व शिक्षकों के बीच वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश, म्यूचुअल फंड, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF), आईपीओ, ऋण प्रतिभूतियों और सेबी (SEBI) की विधिक नियामक व्यवस्थाओं के प्रति सजगता बढ़ाना है। इसके तहत विश्वविद्यालय के योग्य शिक्षकों को ‘पार्टनर ट्रेनर’ के रूप में नामित व प्रमाणित किया जाएगा, जो आगे चलकर छात्रों का मुस्तैद मार्गदर्शन करेंगे। इस गौरवशाली अवसर पर वित्त अधिकारी प्रो. सनातन नायक, डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. शिशिर कुमार, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा तथा डॉ. सुभाष मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्राध्यापक मुस्तैदी से उपस्थित रहे।

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