
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई : मशहूर फिल्मकार सुभाष घई की कंपनी मुक्ता आर्ट्स ने 24 अक्टूबर को अपनी स्थापना के 48 साल पूरे कर लिए। कंपनी इस अवसर पर एनिमेटेड फीचर फिल्मों, फीचर फिल्मों, ओटीटी सीरीज और डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में विस्तार की तैयारी कर रही है। इस दौरान कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी घोषणाएं जल्द की जाएंगी।
सुभाष घई ने अपने लंबे फिल्मी सफर में ‘कालीचरण’, ‘कर्ज’, ‘हीरो’, ‘परदेस’ और ‘ताल’ जैसी लोकप्रिय फिल्में बनाई हैं। वहीं, ‘इकबाल’, ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ और ‘जॉगर्स पार्क’ जैसी फिल्मों के जरिए सामाजिक विषयों और मानवीय संवेदनाओं को भी पर्दे पर प्रस्तुत किया है। मुक्ता आर्ट्स ने फिल्म निर्माण, वितरण, प्रदर्शन और फिल्म शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।
कंपनी के आगामी प्रोजेक्ट्स में फिल्म ‘मान्या’ खास है। इस फिल्म के लिए सुभाष घई और अभिनेता श्रेयस तलपड़े लगभग दो दशक बाद फिर साथ आए हैं। इससे पहले दोनों ने फिल्म ‘इकबाल’ में साथ काम किया था। समीर जोशी के निर्देशन में बनी ‘मान्या’ एक किशोर लड़के की कहानी है, जो अपराध की दुनिया से आगे उसके पीछे छिपे मानवीय पहलुओं को सामने लाती है।
फिल्म का निर्माण मुक्ता आर्ट्स, पुनीत अग्रवाल और राहुल पुरी ने स्लो बर्न एंटरटेनमेंट के सहयोग से किया है। इसमें संवेदना सुवालका, दिव्या शर्मा, प्रियदर्शिनी पूजा और जोहेब फारूकी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

सुभाष घई ने कहा कि ‘मान्या’ मुक्ता आर्ट्स की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। श्रेयस तलपड़े के साथ दोबारा काम करना शानदार अनुभव रहा और कलाकारों ने अपने अभिनय से कहानी को गहराई दी है।
इसके अलावा, सुभाष घई संजय दत्त के साथ ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अनिल कपूर के साथ एक कोर्टरूम ड्रामा पर भी काम कर रहे हैं। भारतीय सिनेमा में अपने 50 वर्ष पूरे करने जा रहे घई अब भी ऐसी कहानियों पर ध्यान दे रहे हैं, जो मनोरंजन के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सामने लाती हैं।