
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान (DRI) के विभिन्न प्रकल्पों में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। संस्थान के दीनदयाल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (ITI), आरोग्यधाम परिसर की रसशाला और मातृ सदन में विशेष पूजा-अर्चना के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस पावन अवसर पर संस्थान की सभी कर्मशालाओं (वर्कशॉप) और प्रयोगशालाओं में आधुनिक मशीनों, औजारों तथा तकनीकी उपकरणों की विशेष साफ-सफाई कर उन्हें आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके बाद विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती संपन्न हुई, जिसमें सभी प्रकल्प प्रभारियों, शिक्षकों और प्रशिक्षण ले रहे छात्र-कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूजा के उपरांत उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित किया गया।

ज्योतिषाचार्य पंडित राम विशाल शुक्ल ने भगवान विश्वकर्मा के महत्व पर प्रकाश डाला, उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, विश्वकर्मा जयंती पर मशीनों और कारखानों की पूजा करने से कारोबार में उन्नति, सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आदि शिल्पी की कृपा से तकनीकी कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और व्यवसाय में निरंतर मुनाफा होता है। यही कारण है कि संस्थान की सभी उत्पादन सह प्रशिक्षण इकाइयों में हर वर्ष इस उत्सव को एक प्रेरणा पर्व के रूप में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है।