
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित विधिक मांगों को लेकर एक बार फिर तीखा लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया है। ‘दस्तक दो’ अभियान के अंतर्गत सैकड़ों की संख्या में लामबंद हुए अभ्यर्थियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति एवं कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के लखनऊ स्थित सरकारी आवास का औचक घेराव किया तथा अपनी विधिक मांगों से संबंधित एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति लागू करने और रिजल्ट संशोधित करने की पुरज़ोर मांग
आंदोलन और घेराव का जमीनी नेतृत्व कर रहे मुख्य अभ्यर्थी प्रहरियों तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने विधिक पक्ष रखते हुए बताया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) द्वारा पूर्व में ही यह महत्वपूर्ण संस्तुति की जा चुकी है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में ५ प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए। इसके तहत पूर्णांक 150 में 60 अंक अर्थात 40 प्रतिशत पर परीक्षा परिणाम को विधिक रूप से संशोधित कराकर सरकार द्वारा एक नई चयन सूची जारी की जानी चाहिए। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि इस विधिक संशोधन का सीधा लाभ ओबीसी वर्ग के साथ-साथ दिव्यांगों, भूतपूर्व सैनिकों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को भी मुस्तैदी से प्राप्त होगा।

कैबिनेट मंत्री ने दिया मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन; इको गार्डन भेजे गए अभ्यर्थी
अभ्यर्थी तूफान सिंह के अनुसार, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आंदोलनकारियों का ज्ञापन स्वीकार करने के उपरांत आयोग की संस्तुति की छायाप्रति का गहन अवलोकन किया तथा अभ्यर्थियों को पूर्ण विधिक न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मंत्री ने आश्वस्त किया कि वे इस संवेदनशील विषय पर स्वयं बेसिक शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उच्चस्तरीय भेंट वार्ता कर मामले का समयबद्ध व त्वरित निस्तारण कराने का प्रयास करेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद मौके पर तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सभी अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया।