
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, बीकानेर : लालगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन बीकानेर शहर का प्रमुख उपनगरीय स्टेशन है। पंजाब और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से करणी माता के दर्शन करने के लिए देशनोक जाने वाले श्रद्धालु लालगढ़ से विभिन्न संसाधनों द्वारा देशनोक पहुंचते हैं।लालगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के कारण बीकानेर के मुख्य स्टेशन के यात्रीभार को कम करने में भी सफलता प्राप्त हुई है। लालगढ़ स्टेशन की स्थापना ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान जोधपुर-बीकानेर रेलवे नेटवर्क के हिस्से के रूप में की गई थी, विशेष रूप से जोधपुर-बठिंडा लाइन पर, जो जोधपुर और बीकानेर की रियासतों को उत्तरी भारत के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ती थी। यह रेलवे स्टेशन बीकानेर शहर के उत्तरी भाग को सेवा प्रदान करता है।

जोधपुर-बठिंडा लाइन और फलोदी-लालगढ़ लाइन पर स्थित होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जिससे पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के लिए कुशल रेल संपर्क संभव हो पाता है। पर्यटन की दृष्टी से अपनी अलग पहचान रखने वाला लालगढ़ स्टेशन शुष्क थार रेगिस्तान से घिरा हुआ है, जिसकी विशेषता विशाल रेतीले मैदान और विरल वनस्पति है जो उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के परिदृश्य को परिभाषित करती है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार लालगढ़ जंक्शन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास के लिए चुना गया था जिसका उद्देश्य स्टेशनों का आधुनिकीकरण करना और यात्रियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाना है। योजनाबद्ध सुधारों में उन्नत प्रतीक्षा क्षेत्र, स्वच्छता सुविधाएं, मनोरंजन के लिए छत पर बने प्लाजा और बस एवं ऑटो सेवाओं के साथ बहुआयामी एकीकरण शामिल हैं ताकि पहुंच और शहरी संपर्क में सुधार हो सके।

लालगढ़ स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 18.70 करोड़ रूपये की लागत से पुनर्विकास हुआ है । स्टेशन भवन के समरूप में बड़े स्तर पर सुधार कार्य, स्टेशन की ओर आने-जाने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान का कार्य, बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया में सौंदर्य करण, दोपहिया, चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा, बुकिंग ऑफिस रिटायरिंग रूम आदि में सुधार, नए टॉयलेट ब्लॉक्स का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। पुनर्विकास कार्यों में उपरोक्त कार्यो के अलावा सौंदर्य वर्धन के लिए एलइडी लाइटिंग तथा दीवारों पर आर्टवर्क भी किया गया है । सभी सुविधाओं का दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त साइनेज भी लगाया गया है ।
स्टेशन के प्रकाश व्यवस्था में सुधार से संबंधित कार्य तथा हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए लगभग 22.50 लाख की लागत से 50 किलोवाट का सोलर प्लांट भी लगाया गया है। इसके अलावा यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाया गया है । लगभग 7.02 करोड़ रुपए की लागत से लालगढ़ स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा पैदल पुल भी बनाया जा रहा है जिसका 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के पुनर्विकसित होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी,आवागमन सुगम होगा एवं व्यापारी वर्ग भी लाभान्वित होगा। स्टेशन के पुनर्विकसित होने से पर्यटन,स्थानीय हस्तशिल्प कला आदि को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र की लोकप्रियता बढ़ेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।