
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जयपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर मे बुधवार 19 अगस्त 2026 को लम्बित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई । उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में आयोजित लम्बित न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी के निर्देशानुसार सभी मुख्य विधि सहायको को लिम्बस पोर्टल पर कोर्ट केसेस को रियल टाइम बेसिस पर अद्यतन करने, पेंडिंग कोर्ट केस से संबंधित दस्तावेज तुरंत अपलोड करने एवं मासिक कम्प्लायंस रिपोर्ट हर महीने के आखिरी दिन प्रधान कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए साथ ही लम्बित अवमानना प्रकरणों के शीघ्र निपटान के निर्देश दिए गए ।
उपस्थित सभी मुख्य विधि सहायकों को यह भी निर्देश दिए कि अवमानना के सभी प्रकरणों पर तुरंत अपेक्षित कार्यवाही की जाये ताकि न्यायलयों के प्रतिकूल आदेशों से बचा जा सके तथा अवमानना को कोई प्रकरण ना बने । न्यायिक प्रकरणों में जवाब निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत किए जाने और सिविल न्यायालयों के आदेशों की अनुपालना समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए गए, ताकि माननीय न्यायालय के आदेशों की अवमानना के अवसर न्यूनतम रहें ।
बैठक के दौरान उप महाप्रबंधक (विधि) प्रतुल सारोलिया ने लिम्बस पोर्टल पर कोर्ट केसेस को रियल टाइम बेसिस पर अद्यतन करने पर जोर देते हुए सभी प्रकरणों से सम्बंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने तथा एक्सेप्शन रिपोर्ट को तुरंत क्लियर करने, लिम्बस पोर्टल पर दर्ज सभी प्रकरणों की सही स्तिथि अपडेटेड करने, कोर्ट केसेस का जवाब दावा माननीय कोर्ट में समय पर दाखिल करने के निर्देश दिए । साथ ही यह भी निर्देश दिए कि 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा केस टू केस की जाये तथा सम्बिन्धित अधिवक्ता एवं अधिकारी के साथ चर्चा कर इनके श्रीघ निपटान के प्रयास किये जाये इस सम्बन्ध में प्रधान कार्यालय द्वारा जारी कार्ययोजना को अमल में लाने के निर्देश दिए गए ।
उप महाप्रबंधक (विधि) द्वारा न्यायिक मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु रेलवे अधिवक्ताओं के साथ आंतरिक मीटिंग नियमित रूप से आयोजित किये जाने पर बल दिया गया । उप इनके द्वारा पेंडिंग सभी अवमानना प्रकरणों की समीक्षा की तथा इन प्रकरणों के सम्बन्ध में नामित अधिवक्ता से लगातार समनव्यय रखने पर जोर दिया ताकि ऐसे प्रकरणों में न्यायालय के प्रतिकूल आदेशों से बचा जा सके । साथ ही कोर्ट केसेस के जवाबनामे एक माह के भीतर न्यायालयों में दाखिल करने की अनिवार्यता की कढ़ाई से पालना करने के निर्देश दिए ।
बैठक के दौरान उप मुख्य विधि अधिकारी अशोक कुमार ने प्रधान कार्यलय द्वारा कोर्ट केसेस की मॉनिटरिंग हेतु जारी किये गए निर्देशों की अनुपालना किये जाने पर जोर दिया। इन्होने यह भी निर्देश प्रदान किये कि अवार्ड जारी होने पश्चात उसे लागू करने या न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय निर्धारित समय सीमा में लिया जा सके । इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी के अनुमोदन से प्रधान कार्यालय के सामान्य विभाग, जयपुर में कार्यरत बिमलेश बिहारी झा को सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक के रूप में चयनित होने पर प्रशस्ति पत्र एवं दो हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया ।