
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के विधि विभाग, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़ के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं विधिक कौशल का परिचय देते हुए बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय (BBD University), लखनऊ द्वारा आयोजित प्रथम जस्टिस डी.पी. गुप्ता राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में प्रथम उपविजेता (First Runner-Up) का स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित विधि महाविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें विश्वविद्यालय की टीम ने अपने प्रभावशाली मौखिक तर्क, गहन विधिक शोध एवं उत्कृष्ट न्यायिक विश्लेषण के माध्यम से उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं एवं उनकी इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।
विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व स्पीकर–1 अविरल द्विवेदी, स्पीकर–2 संकल्प भट्ट तथा रिसर्चर अनुष्का शर्मा ने किया। टीम ने प्रतियोगिता के सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया तथा प्रथम उपविजेता का सम्मान अर्जित किया। इस उपलब्धि के लिए टीम को ₹ 31,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, टीम ने प्रतियोगिता का प्रतिष्ठित ‘बेस्ट मेमोरियल (Best Memorial)’ पुरस्कार भी अपने नाम किया, जिसके अंतर्गत ₹ 5,100 की अतिरिक्त पुरस्कार राशि प्रदान की गई। यह सम्मान टीम के उत्कृष्ट लिखित तर्कों, विधिक शोध तथा मेमोरियल लेखन की गुणवत्ता का प्रमाण है।

प्रतियोगिता का फाइनल न्यायमूर्ति शमीम अहमद, मद्रास उच्च न्यायालय एवं न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की गरिमामयी पीठ के समक्ष संपन्न हुआ।
समापन समारोह में विजेता टीमों को न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, पूर्व न्यायाधीश, भारत के सर्वोच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, 23वें विधि आयोग, भारत, न्यायमूर्ति एम. एन. भंडारी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, मद्रास उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, अपीलीय अधिकरण, SAFEMA अधिनियम, द्वारा सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि से बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में हर्ष एवं गौरव का वातावरण है। विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा एवं अन्य शिक्षकों ने टीम को इस शानदार सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
