
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के अंतर्गत बभनान रेलवे स्टेशन से वर्षों के अंतराल के पश्चात ‘बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड, यूनिट बभनान’ द्वारा पुनः रेल मार्ग से चीनी का लदान प्रारम्भ किया गया है।
यह उपलब्धि रेलवे के व्यवसाय विकास प्रयासों का एक महत्वपूर्ण परिणाम है, जिससे क्षेत्रीय उद्योगों को रेल परिवहन से जोड़ने के साथ-साथ रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। पार्टी द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2026 को बभनान स्टेशन से असम राज्य के अज़ारा के लिए लगभग 2,688 टन चीनी की 42 वैगनों की पूर्ण रेक का लदान किया गया, जिससे रेलवे को लगभग रूपये 38.30 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में, रविवार 19 जुलाई को पुनः अज़ारा के लिए एक अन्य 42 वैगनों की पूर्ण रेक का लदान किया गया, जिससे रेलवे को लगभग रूपये 38.26 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। इसी क्रम में मंगलवार 21 जुलाई को पश्चिम बंगाल के सैंथिया जंक्शन के लिए चीनी की लोडिंग जारी है
नौतनवा से दक्षिण रेलवे के लिए पहली बार सरसों की खली की पूर्ण रैक का लदान
पूर्वाेत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नौतनवा मालगोदाम से दक्षिण रेलवे के कल्लाकुडी स्टेशन के लिए पहली बार सरसों की खली की पूर्ण रैक सफलतापूर्वक प्रेषित की है। इस रैक से पूर्वाेत्तर रेलवे को रूपये 81.39 लाख का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है।
यह रैक मैसर्स गणपति एग्री बिजनेस प्रा. लि., बाराबंकी द्वारा लोड की गई, जिसमें गोरखपुर, देवरिया सदर एवं नौतनवा से सरसों की खली एकत्रित कर एक ही रैक में लोड किया गया।
यह उपलब्धि मंडल की प्रभावी समन्वय व्यवस्था एवं कुशल लॉजिस्टिक प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सफलता लखनऊ मंडल द्वारा माल परिवहन व्यवसाय को बढ़ावा देने, ग्राहकों को विश्वसनीय एवं सुविधाजनक रेल परिवहन उपलब्ध कराने तथा नए माल यातायात को आकर्षित करने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है। इससे भविष्य में रेलमार्ग के माध्यम से और अधिक थोक माल परिवहन को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरिजीत सिंह ने कहा कि लखनऊ मंडल उद्योगों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रेल माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बभनान स्टेशन से वर्षों बाद पुनः चीनी का रेल लदान प्रारम्भ होना मंडल की व्यवसाय विकास गतिविधियों की सफलता का प्रमाण है। इससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ उद्योगों को सुरक्षित, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का लाभ भी प्राप्त होगा।
लखनऊ मंडल भविष्य में भी क्षेत्र के उद्योगों को रेल परिवहन से जोड़ते हुए माल लदान एवं राजस्व में निरंतर वृद्धि के लिए प्रयासरत रहेगा।
