
अशोक यादव, लखनऊ / औली : उत्तराखंड के औली में भारत और अमेरिकी सेना के जवानों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों का कड़ा अभ्यास किया। दोनों देशों के सैनिकों ने काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन के तहत एक इमारत को सुरक्षित करने (बिल्डिंग-क्लियरेंस) और कमरों में छिपे आतंकियों को ढेर करने (रूम-इंटरवेन्शन) का मॉक ड्रिल किया। यह ड्रिल पूरी तरह से वास्तविक और बेहद करीबी मुकाबले (क्लोज-क्वार्टर कॉम्बैट) की परिस्थितियों पर आधारित थी।

इस विशेष अभ्यास के दौरान हमलावर टीमों (असॉल्ट टीम्स) को अत्याधुनिक तकनीक और विशेष बलों का मजबूत सहयोग मिला। ऑपरेशन में टोही ड्रोन, रोबोटिक डॉग्स, खोजी कुत्तों (कैनाइन्स) और अचूक निशानेबाज स्नाइपर्स का एक साथ रणनीतिक इस्तेमाल किया गया। यह आधुनिक तकनीक और मानव कौशल के बेजोड़ तालमेल का बेहतरीन उदाहरण था। अभ्यास के बाद अमेरिकी सेना के अधिकारियों और जवानों ने भारतीय सैनिकों और उनके हथियारों व उपकरणों को करीब से देखा और उनकी युद्ध क्षमताओं व तकनीकों को समझा।

यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक समझ, आपसी सहयोग (इंटरऑपरेबिलिटी) और पेशेवर अनुभवों को साझा करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। इससे दोनों देशों के सैन्य संबंध और मजबूत हुए हैं।
