
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ /बाराबंकी : श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू), बाराबंकी के प्राकृतिक विज्ञान एवं मानविकी संस्थान, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के समाजशास्त्र विभाग के शोधार्थी बी.डी. चौधरी ने अपनी पीएच.डी. शोध प्रबंध रक्षा (थीसिस डिफेंस) एवं मौखिक परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
शोधार्थी ने “रोल ऑफ़ एनआरएलएम ऑन सोशियो – इकोनॉमिक एपावरमेंट ऑफ़ एसएचजी वीमेन इन उत्तर प्रदेश : अ स्टडी ऑफ़ वाराणसी डिस्ट्रिक्ट ” विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। शोध में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का व्यापक अध्ययन किया गया। अध्ययन में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, वित्तीय समावेशन, निर्णय लेने की क्षमता तथा आजीविका संवर्धन पर एन.आर.एल.एम. के प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
यह शोध कार्य डॉ. श्वेता शुक्ला, एसोसिएट प्रोफेसर के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मौखिक परीक्षा के बाह्य परीक्षक के रूप में डॉ. ए.के. भारतीय, प्रोफेसर, समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। उन्होंने शोधार्थी से शोध के उद्देश्य, शोध पद्धति, निष्कर्ष एवं अनुशंसाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका शोधार्थी ने आत्मविश्वास एवं संतोषजनक ढंग से उत्तर दिया।
बाह्य परीक्षक ने शोध की गुणवत्ता, विषय की प्रासंगिकता एवं उसके व्यावहारिक महत्व की सराहना करते हुए पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने की अनुशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नीति-निर्माताओं एवं शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
शोधार्थी बी.डी. चौधरी के सफलतापूर्वक पी-एच.डी. शोध प्रबंध रक्षा एवं मौखिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें तथा उनकी शोध-निर्देशक डॉ. श्वेता शुक्ला को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं अनुसंधान भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
