पद्मश्री मोहन नागर का ग्रामोदय विश्वविद्यालय में हुआ सम्मान

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में गुरुवार को पद्मश्री सम्मान से अलंकृत एवं मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर के आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।

इस अवसर पर रजत जयंती भवन स्थित कुलगुरु कक्ष में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सी.एम.सी.एल.डी.पी.) के अंतर्गत संचालित बैचलर ऑफ सोशल वर्क (बी.एस.डब्ल्यू.) एवं मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एम.एस.डब्ल्यू.) पाठ्यक्रमों के गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी संचालन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, सामुदायिक सहभागिता, व्यवहारिक प्रशिक्षण, क्षेत्रीय कार्य, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा समाजोपयोगी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। साथ ही यह विचार व्यक्त किया गया कि सामाजिक कार्य शिक्षा को ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक नेतृत्व से जोड़कर विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए।

कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील और सक्षम युवा तैयार करना है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम समाज और शिक्षा के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रहा है।

बैठक में सी.एम.सी.एल.डी.पी. के निदेशक प्रो. अमरजीत सिंह तथा मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक प्रवीण पाठक भी उपस्थित रहे। सभी ने पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता को विस्तार देने पर अपने विचार व्यक्त किए। इसमें सामाजिक कार्य शिक्षा को अधिक प्रभावी, रोजगारोन्मुखी तथा समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में विभिन्न सुझावों पर सार्थक चर्चा की गई।

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