उप्र विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक में सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने की। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, संजय निषाद, अक्षय प्रताप सिंह सहित विभिन्न दलों के विधान परिषद सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान आगामी सत्र के संचालन, कार्यसूची एवं सदन की कार्यवाही को सुचारू, व्यवस्थित एवं सार्थक ढंग से संचालित किए जाने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। सभी सदस्यों ने लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन को सुचारू रूप से चलाने तथा जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चा सुनिश्चित करने पर सर्वसम्मति व्यक्त की।

बैठक में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने अनुरोध किया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 अगस्त को अनुपूरक बजट चर्चा को परिवर्तित कर 5 एवं 6 अगस्त को आयोजित किया जाए, ताकि सभी दलों को विस्तृत चर्चा का पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सके। इस अनुरोध पर सकारात्मक विचार करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया।

बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सकारात्मक कार्यशैली, संवाद क्षमता एवं सदन के संचालन को लेकर उनके सहयोगात्मक दृष्टिकोण की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए सभी दलों के बीच संवाद और समन्वय आवश्यक है तथा उप मुख्यमंत्री इस दिशा में सदैव सकारात्मक भूमिका निभाते रहे हैं।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी राजनीतिक दलों एवं माननीय सदस्यों से सदन की कार्यवाही को गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां होने वाली प्रत्येक कार्यवाही जनता की अपेक्षाओं एवं विश्वास से जुड़ी होती है।

मौर्य ने कहा कि सदन के संचालन पर होने वाला व्यय देश एवं प्रदेश की जनता के कर से प्राप्त धन से वहन किया जाता है। इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करना सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बार-बार वॉकआउट करने अथवा अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न करने से सदन का बहुमूल्य समय नष्ट होता है, जिससे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य प्रभावित होते हैं।

उप मुख्यमंत्री ने सभी दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की और कहा कि सरकार विपक्ष के प्रत्येक रचनात्मक सुझाव का सम्मान करती है तथा जनहित के विषयों पर स्वस्थ एवं सार्थक चर्चा के लिए सदैव तत्पर है।

बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई तथा सभी सदस्यों ने आगामी सत्र को सुचारू, गरिमामय एवं जनहितकारी बनाने के लिए परस्पर सहयोग और समन्वय बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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