
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश में संचालित पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों (Registered Vehicle Scrapping Facility & RVSF) पर वाहनों की स्क्रैपिंग का कार्य मोटर यान (यान स्क्रैपिंग सुविधा का पंजीकरण एवं कार्य) नियम, 2021 तथा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेशों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। इसकी सूचना विभिन्न स्रोतों से शासन को मिली है, जिसका संज्ञान लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को इसकी विस्तृत जाँच कराये जाने के निर्देश दिये है।
नियम विरूद्ध अथवा नियमों की अवहेलना की स्थिति मंे उन्होंने सख्त कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेन्स की नीति के तहत कार्य कर रही है। ऐसी स्थिति में नियम विरूद्ध कार्य प्रदेश सरकार की मंशा के विरूद्ध है।
परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन आयुक्त ने प्रदेश के सभी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों का विशेष निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। निरीक्षण हेतु प्रत्येक संभाग में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) एवं मोटरयान निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई है।
यह जानकरी देते हुए अपर परिवहन आयुक्त राजस्व आर0के0 विश्वकर्मा ने बताया कि यह विशेष निरीक्षण अभियान 25 जुलाई, 2026 से 10 अगस्त, 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रत्येक त्टैथ् में स्क्रैपिंग प्रक्रिया, अभिलेखों का संधारण, निर्धारित मानकों के अनुपालन का गहन परीक्षण किया जाएगा।

यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी त्टैथ् केन्द्र पर नियमों अथवा शासनादेशों का उल्लंघन अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संयुक्त निरीक्षण टीम विस्तृत तथ्यात्मक आख्या एवं आवश्यक अभिलेखों सहित 11 अगस्त, 2026 तक परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश को अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।
परिवहन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में संचालित सभी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र पूर्ण पारदर्शिता, पर्यावरणीय मानकों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप कार्य करें, जिससे वाहन स्क्रैपिंग प्रक्रिया सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं नियमसम्मत रूप से संचालित हो सके।