
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : स्वस्थ भारत के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका सदैव अतुलनीय रही है। समाज के स्वास्थ्य, कल्याण एवं जनजागरूकता के लिए चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों तथा उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया गया।
आज के समय में स्वास्थ्य की देखभाल केवल दवाइयों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम और योग भी अच्छे स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देता है। यही कारण है कि चिकित्सा विशेषज्ञ समय-समय पर लोगों को योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भी देशभर में स्वास्थ्य और योग के महत्व को रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है तथा बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान जीवन जी सकता है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए एक विशेष योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक अनुभवी योग विशेषज्ञ को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।
भारत में डॉक्टर्स डे के अवसर पर सभी चिकित्सकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त करते हुए डॉ. एच. एस. चावला डायबिटीज विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन , ने कहा कि डॉक्टर अपने ज्ञान, समर्पण और सेवाभाव से समाज को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे केवल बीमारियों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। रोगों के उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, निवारक स्वास्थ्य उपायों को अपनाने तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करने में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
