डीएफसीसीआईएल एवं सीएचएचआरआर एंड डी द्वारा द्वितीय इंटरनेशनल हेवी हॉल सेमिनार-2026 का आयोजन

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने सेंटर फॉर हेवी हॉल रेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (CHHRR&D) के सहयोग से 5 जून 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में द्वितीय इंटरनेशनल हेवी हॉल सेमिनार 2026 (IHHS-2026) का आयोजन किया।

अपने प्रथम संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सेमिनार का दूसरा संस्करण हेवी हॉल रेलवे इकोसिस्टम में भारत के बढ़ते वैश्विक योगदान को दर्शाता है तथा नॉलेज एक्सचेंज, इनोवेशन एवं इंटरनेशनल कोलैबोरेशन के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है।

इस वर्ष के सेमिनार का विषय है —“इंजीनियरिंग रिलायबिलिटी एट स्केल: द नेक्स्ट फेज ऑफ हेवी हॉल रेलवेज़ – इंटीग्रेटिंग इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस एंड इंटेलिजेंस अक्रॉस हाई-कैपेसिटी फ्रेट सिस्टम्स।”

उद्घाटन सत्र का शुभारंभ प्रवीण कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, डीएफसीसीआईएल के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि विकास के अगले चरण में एसेट-स्तरीय प्रदर्शन से आगे बढ़कर कॉरिडोर-व्यापी रिलायबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, जिसे इंजीनियरिंग एक्सीलेंस, इंटेलिजेंट मेंटेनेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं इंस्टीट्यूशनल लर्निंग के निर्बाध एकीकरण द्वारा संचालित किया जाएगा, ताकि सुरक्षित, दक्ष एवं उच्च क्षमता वाले फ्रेट ऑपरेशंस को बनाए रखा जा सके।

सेमिनार को आर. मोहनराजा, सेक्रेटरी, रेलवे बोर्ड; सचिंदर मोहन शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर/सीसी, रेलवे बोर्ड; तथा सुश्री कैरी गोंजालेस, प्रेसिडेंट एंड सीईओ, एमएक्सवी रेल, यूएसए एवं प्रेसिडेंट, इंटरनेशनल हेवी हॉल एसोसिएशन (IHHA)के मुख्य वक्तव्यों से और अधिक समृद्ध बनाया गया। गणमान्य वक्ताओं ने नवाचार, तकनीकी उन्नति, क्षमता वृद्धि, एसेट रिलायबिलिटी तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जो बढ़ती लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को पूरा करने तथा सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में सक्षम अगली पीढ़ी की फ्रेट रेल प्रणालियों के विकास के लिए आवश्यक हैं।

इस अवसर पर प्रवीण कुमार ने तकनीकी शोध-पत्रों एवं हेवी हॉल रेलवे क्षेत्र के विशेषज्ञों के शोध योगदानों से युक्तटेक्निकल कंपेंडियमके द्वितीय संस्करण का विमोचन किया।

सेमिनार के प्रथम दिवस में तीन उच्च-स्तरीय तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनका केंद्रबिंदु रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग, इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं हेवी हॉल ऑपरेशंस हेतु प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस रहा।


टेक्निकल सेशन-I: हाई-इंटेंसिटी हेवी हॉल ऑपरेशंस के लिए रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग

नरेश लालवानी द्वारा संचालित इस सत्र में हेवी हॉल रेलवे प्रणालियों में ट्रैक परफॉर्मेंस, ऑपरेशनल रिलायबिलिटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस को सुदृढ़ करने के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोणों पर चर्चा की गई।

सत्र में निम्नलिखित प्रस्तुतियाँ दी गईं :

  • सुश्री निकोल वीथॉफ, वॉसलोह फास्टनिंग सिस्टम्स जीएमबीएच —इंक्रीजिंग ट्रैक स्टेबिलिटी विद मॉडर्न रेल फास्टनिंग सिस्टम्स।
  • श्री ग्लेन लॉरेन्ज, वॉसलोह स्विच सिस्टम्स —हेवी हॉल टर्नआउट्स: ऑस्ट्रेलियन एक्सपीरियंस।
  • श्री जस्टिन बैगे, पैंड्रोल —इम्प्रूविंग रिलायबिलिटी एंड मेंटेनेबिलिटी ऑफ हेवी हॉल ट्रैक फास्टनिंग्स इन लेगेसी इन्फ्रास्ट्रक्चर थ्रू द पैंड्रोल री सिस्टम।
    विचार-विमर्श के दौरान आधुनिक फास्टनिंग टेक्नोलॉजीज, टर्नआउट इनोवेशंस तथा मेंटेनेंस ऑप्टिमाइजेशन की भूमिका पर बल दिया गया, जो हेवी हॉल रेलवे नेटवर्क की कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण हैं।
  • टेक्निकल सेशन-II: वेसाइड, रोलिंग स्टॉक एवं ट्रैक कंडीशन मॉनिटरिंग एंड इंटरैक्शन मैनेजमेंट
  • सुभोध जैन द्वारा संचालित इस सत्र में रेल एसेट मॉनिटरिंग एवं इंटरैक्शन मैनेजमेंट के विकसित होते परिदृश्य पर चर्चा की गई। सत्र का फोकस डिजिटल टेक्नोलॉजीज, इंटेलिजेंट इंस्पेक्शन सिस्टम्स एवं डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया के उपयोग के माध्यम से परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा को बेहतर बनाना था।
    सत्र में निम्नलिखित प्रस्तुतियाँ दी गईं:
  • श्री एक्सल म्यूनिख, Siemens —ट्रेन कंट्रोल मूव्स इंटू द क्लाउड।
  • श्री एन. जे. वान डेर वेस्टहुइज़न, ENSCO Rail — ट्रांसफॉर्मिंग रेल इंस्पेक्शन इंटू एक्शनएबल इंटेलिजेंस: प्रैक्टिकल लेसन्स फ्रॉम नॉर्थ अमेरिकन हेवी-हॉल ऑपरेशंस यूजिंग इंटीग्रेटेड ऑटोनॉमस इंस्पेक्शन एंड एनालिटिक्स।
  • सुश्री एमिली केंट, वन बिग सर्कल —इन-सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग फॉर हेवी हॉल इन इंडिया।
  • श्री माइकल सेहनार, गेट्ज़नर वर्कस्टॉफे जीएमबीएच —एक्सटेंडिंग द सर्विस लाइफ ऑफ बैलेस्टेड ट्रैक व्हाइल इम्प्रूविंग ट्रैक क्वालिटी एंड सेफ्टी।
    चर्चा के दौरान क्लाउड-आधारित प्रणालियों, ऑटोनॉमस इंस्पेक्शंस, रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया गया, जो हेवी हॉल रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित एवं कुशल बनाने में सहायक हैं।
    टेक्निकल सेशन-III: सिस्टम इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्विन्स एंड प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस एट स्केल
    श्री शिव कुमार द्वारा संचालित इस सत्र में सिस्टम इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्विन्स एवं प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस टेक्नोलॉजीज के हेवी हॉल रेलवे के भविष्य पर पड़ने वाले परिवर्तनकारी प्रभावों पर चर्चा की गई।
    सत्र में निम्नलिखित प्रस्तुतियाँ दी गईं:
  • प्रो. रवि रविथरन, मोनाश यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ रेलवेटेक्नोलॉजी —इम्प्रूविंग रेजिलिएंस ऑफ हेवी हॉल रेलवेज़ थ्रू एडवांस्ड रियल-टाइम सिस्टम्स मॉनिटरिंग।
  • श्री वेस्ली थॉमस, लॉरम मेंटेनेंस ऑफ वे, इंक. —डिजिटल ट्विन केस स्टडी फॉर वर्टिकल स्प्लिट हेड रिस्क रिडक्शन एंड टारगेट प्रोफाइल ऑप्टिमाइजेशन।
  • श्री मार्सेल टाउबर्ट, वॉसलोह रेल सर्विसेज —कॉस्ट-इफेक्टिव रेल लाइफ एक्सटेंशन थ्रू इंटीग्रेटेड हॉटस्पॉट मिलिंग एंड मॉडर्न ग्राइंडिंग स्ट्रेटेजीज।
  • श्री बेंजामिन हेन्स, हॉलैंड एल.पी. —फ्लैशबट वेल्डिंग एज अ रिलायबिलिटी-सेंटर्ड मेंटेनेंस स्ट्रेटेजी फॉर हेवी हॉल नेटवर्क्स।
    सत्र में यह रेखांकित किया गया कि डिजिटल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स एवं नवाचारपूर्ण मेंटेनेंस रणनीतियाँ रेलवे प्रणालियों को अधिक रेजिलिएंट बनाने, एसेट परफॉर्मेंस को ऑप्टिमाइज करने, लाइफ-साइकिल लागत को कम करने तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर की सेवा आयु बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
  • यह सेमिनार दशकों के परिचालन अनुभव वाले परिपक्व हेवी हॉल रेलवे सिस्टम्स तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं के तीव्र गति से विकसित हो रहे फ्रेट नेटवर्क्स को जोड़ने हेतु एक विशिष्ट मंच प्रदान करता है। इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजर्स एवं टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स के मध्य संवाद को बढ़ावा देकर IHHS-2026 सर्वोत्तम प्रथाओं एवं अत्याधुनिक समाधानों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर रहा है, जो विश्वभर में उच्च क्षमता वाले फ्रेट परिवहन के भविष्य को आकार देंगे।
  • सेमिनार के दूसरे दिन रोलिंग स्टॉक इनोवेशन, फ्रेट ऑपरेशंस, सस्टेनेबिलिटी, एसेट मैनेजमेंट एवं हेवी हॉल रेलवे विकास के अगले चरण को गति देने वाली उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित अतिरिक्त तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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