महाराणा प्रताप जयंती श्रद्धा, गौरव एवं सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मलिहाबाद, लखनऊ : शनिवार को हिंदू जागरण मंच कार्यालय रहीमाबाद में महान वीर सपूत वीर शिरोमणि मेवाड़ मुकुट क्षत्रिय कुलभूषण मातृभूमि के उपासना और सजग प्रहरी मेवाड़ की आजादी का सपना सजोने वाले हल्दीघाटी के शेर महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों के अतिरिक्त सांस्कृतिक गौरव संस्थान के समस्त क्षेत्रीय पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांस्कृतिक गौरव संस्थान के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह- तिलन द्वारा के जीवन से जुड़ी एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं कम प्रचलित घटना का उल्लेख किया गया।

उन्होंने बताया कि मेवाड़ की वीरभूमि पर संघर्ष का एक ऐसा अध्याय भी लिखा गया जिसने महाराणा प्रताप को केवल एक राजा नहीं, बल्कि त्याग, स्वाभिमान और अदम्य राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बना दिया। उन्होंने कहा कि झुके नहीं वह मुगलों से, अनुबंधों को ठुकरा डाला मातृभूमि की भक्ति का नया प्रतिमान बना डाला,, संघर्ष के कठिन दिनों में महाराणा प्रताप अपने परिवार सहित जंगलों में अत्यंत अभावपूर्ण परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे थे। कई-कई दिनों तक भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता था।

ऐसी स्थिति में रानी ने जंगल में उपलब्ध घास एवं जंगली अनाज से किसी प्रकार रोटी तैयार की, ताकि बच्चों की भूख शांत हो सके। किंतु जैसे ही छोटी राजकुमारी के हाथ में वह रोटी पहुंची, एक जंगली जानवर उसे झपटकर ले गया। भूखी पुत्री की करुण पुकार सुनकर महाराणा प्रताप की आंखें भी नम हो उठीं।वक्ताओं ने कहा कि यह वह क्षण था जब वे चाहते तो मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार कर राजसी वैभव प्राप्त कर सकते थे, किंतु उन्होंने अपने परिवार की पीड़ा, जंगलों की कठिनाइयों और अभावों को सहना स्वीकार किया, परंतु मातृभूमि का स्वाभिमान कभी नहीं बेचा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज भी त्याग, स्वाभिमान, स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और अदम्य साहस के जीवंत प्रतीक हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने राणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में डायरेक्टर जिला सहकारी बैंक पंकज गुप्ता, राजेश सिंह चौहान एडवोकेट, सियाराम, गुलजारीलाल, उमाशंकर मास्टर, आनंद यादव, ललित मौर्य, रजत तिवारी, मनोज सिंह अर्कवंशी, सतीश शास्त्री, अजय चौरसिया, भानू यादव, सक्षम सिंह, संग्राम सिंह, सत्येंद्र सिंह, कीर्तिराज सिंह, अंशुमान सिंह, अक्षत तिवारी, मौजूद रहे।

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