
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अत्यधिक दक्ष और सक्षम बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, बक्शी का तालाब, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आंतरिक सामुदायिक ऑडिटर संकुल स्तरीय संघ का सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण रविवार को क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, बक्शी का तालाब में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में मऊ, महोबा, चित्रकूट, सहारनपुर, बलिया सहित विभिन्न जनपदों की महिलाओं ने भाग लिया। सीएलएफ आंतरिक ऑडिट का यह प्रशिक्षण मिशन निदेशक अरुण कुमार की पहल और निर्देशन में आयोजित किया गया।
मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अरुण कुमार ने बताया कि, “सामुदायिक आंतरिक ऑडिट प्रणाली ग्रामीण महिलाओं के समुदाय आधारित संस्थाओं को केवल वित्तीय अनुशासन ही नहीं, बल्कि स्वावलंबन और सुदृढ़ शासन की नई दिशा दे रही है। पारदर्शी बही-खातों और सटीक जोखिम प्रबंधन के माध्यम से हम इन सामुदायिक संस्थाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
“हमारा धन हमारी योजना” के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में महिलाओं को सीएलएफ की बही-खातों, ऋण पुस्तिका, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, संपत्ति-दायित्व और ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानन्द ने बताया कि प्रशिक्षित महिलाएं अब प्रत्येक तीन माह पर संकुल स्तरीय संघ का आंतरिक ऑडिट करेंगी और सीएलएफ को सुदृढ़ बनाने के लिए सुधार के क्षेत्रों को सीएलएफ पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के साथ साझा करेंगी। इससे संघों की वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता और अनुशासन आएगा।
कार्यक्रम में नन्दकिशोर साह ने कहा कि इस प्रशिक्षण से ग्रामीण स्तर पर वित्तीय जवाबदेही बढ़ेगी। सात दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षक अमितेश ने प्रतिभागियों को लेखांकन सिद्धांतों, लेखांकन चक्र, बुक्स ऑफ रिकॉर्ड, वित्तीय ऑडिट, भौतिक ऑडिट, प्रबंधन ऑडिट और विभिन्न ऑडिट नियमों की बारीक जानकारी दी तथा अभ्यास कराया।
समापन पर क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य एवं उप निदेशक अनुज श्रीवास्तव एवं प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और प्रमाण पत्र वितरित किए। महिलाओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि अब वे अपने क्षेत्र में जाकर संघों का बेहतर ऑडिट कर सकेंगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संगीता, मीनाक्षी, बबीता, आभा, राजवती सहित विभिन्न जनपदों से आई आंतरिक ऑडिटर महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
