
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, देवरिया / लखनऊ : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति महेश चन्द्र त्रिपाठी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के सहयोग से विशेष विधिक सहायता एवं सशक्तिकरण शिविर का आयोजन श्री रैनाथ ब्रह्मदेव महाविद्यालय, सलेमपुर में किया गया।
शिविर का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति, वनवासी एवं अन्य वंचित समुदायों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना था। विशेष रूप से गोंड जनजाति एवं अन्य पात्र समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. (श्रीमती) मनु कालिया, जनपद न्यायाधीश देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना-।।, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम शंकर सहित न्यायिक, प्रशासनिक एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत 140 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। वहीं आयोजित विशेष लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर 259 मामलों का सफल निस्तारण किया गया। नागरिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया तथा अन्य मामलों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। महिला कल्याण विभाग ने चार महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ प्रदान किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने पांच महिलाओं को आयुष्मान कार्ड वितरित किए।

इसके अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत चार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आठ लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के अंतर्गत छह लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। सात दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र तथा पांच दृष्टिबाधित लाभार्थियों को स्मार्ट छड़ी वितरित की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दस पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र दिए गए। वहीं जिला प्रशासन ने गोंड जनजाति एवं अन्य अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों को जाति प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।
शिविर में एक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक विधिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प को दोहराया। अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल केवल विधिक जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित, विस्थापित एवं संघर्षरत समुदायों को न्याय, सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।