
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री के कड़े विधिक निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश भर में निजी क्षेत्र की अनफिट एवं अनधिकृत एम्बुलेंस के विरुद्ध एक व्यापक तथा सघन तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा को पुख्ता करना तथा सड़क सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना रहा।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने दी विधिक कार्रवाई की रिपोर्ट
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने इस बड़े प्रशासनिक अभियान के विधिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि विभागीय प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा नियमों का घोर उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है। तीन दिनों तक चले इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पूरी मुस्तैदी के साथ कुल ७७२ अनधिकृत एम्बुलेंस के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर १३५ असुरक्षित एम्बुलेंस को तत्काल प्रभाव से बंद (सीज) कराया गया !

मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त चेतावनी
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनफिट, बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र और अनधिकृत रूप से संचालित एम्बुलेंस सीधे तौर पर गंभीर मरीजों की जान के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी निजी एम्बुलेंस स्वामियों एवं संचालकों से विधिक अपील की है कि वे अपने वाहनों के आवश्यक कानूनी अभिलेख, वैध परमिट, पंजीकरण और फिटनेस प्रमाण-पत्र जैसी सभी निर्धारित औपचारिकताएं पूर्ण रखने के बाद ही सड़क पर वाहन उतारें। उन्होंने सचेत किया कि अवैध व अनफिट वाहनों के संचालन को रोकने के लिए परिवहन विभाग की विशेष प्रवर्तन टीमों द्वारा यह कड़ा जांच अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
