
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक व निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण विधिक व तकनीकी महामंथन संपन्न हुआ। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने ग्रेटर नोएडा स्थित जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित ‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ तकनीकी सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल एसोसिएशन (IFEVA) एवं ग्रीन एनर्जी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ मंत्री नन्दी ने पारम्परिक दीप प्रज्वलन के साथ किया !

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी के विज़न को मिल रही गति
समारोह को संबोधित करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री नन्दी ने कहा कि आज विकास का वास्तविक अर्थ आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के बीच एक सुदृढ़ विधिक संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और सुदृढ़ औद्योगिक बुनियादी ढांचे के बल पर निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण, अत्याधुनिक बैटरी उत्पादन और चार्जिंग अवसंरचना (Charging Infrastructure) के विकास से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने में अभूतपूर्व बल मिलेगा।

शैलेंद्र सरोज और विंकेश गुलाटी सहित उद्योग जगत के शीर्ष कप्तान रहे मुस्तैद
इस उच्चस्तरीय तकनीकी समागम के दौरान उद्योग जगत और शिक्षाविदों की एक मुस्तैद फौज धरातल पर उपस्थित रही। कार्यक्रम में जी.एल. बजाज संस्थान के निदेशक डॉ. मानस मिश्रा, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. विशाल चौधरी, प्रयाग इन ग्रुप के एमडी व चेयरमैन रौनक गुप्ता तथा ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC) के चेयरमैन विंकेश गुलाटी मंचासीन रहे। इनके साथ ही, IFEVA के संस्थापक डॉ. शैलेंद्र सरोज, अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा, चेयरमैन डॉ. कल्याण हाथी, इलेक्ट्रा ग्रीनटेक के एमडी महेश बजाज तथा मैनेजमेंट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद सिंह एवं श्वेता यादव ने भी हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के विधिक उपायों पर अपनी विस्तृत तकनीकी आख्या प्रस्तुत की।
