
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : कुलपति आचार्य राजकुमार मित्तल की प्रेरणा से बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), लखनऊ के प्रबंध अध्ययन विभाग द्वारा नवप्रवेशित एमबीए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए सोमवार 24 अगस्त 2026 को इंडक्शन प्रोग्राम (दीक्षारम्भ-2026) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं विभाग के शैक्षणिक परिवेश से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें एमबीए कार्यक्रम की समग्र जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एमबीए पाठ्यक्रम की संरचना, पाठ्यक्रम एवं क्रेडिट प्रणाली, परीक्षा एवं उपस्थिति संबंधी नियम, विभागीय सुविधाओं, पुस्तकालय एवं ई-रिसोर्सेज, छात्रवृत्ति एवं छात्र सहायता सेवाओं, समर्थ पोर्टल, आचार संहिता तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट एवं करियर संबंधी अवसरों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विभाग में उपलब्ध शोध, नवाचार एवं उद्यमिता की संभावनाओं तथा विभिन्न सह-पाठ्यचर्या एवं विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. निमित्त चौधरी, कुलपति, राजस्थान प्राविधिक विश्वविद्यालय तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. मनोज जोशी, सलाहकार, विश्वविद्यालय इन्क्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र रहे। अपने सम्बोधन मे अतिथियों ने उच्च शिक्षा में अनुशासन, नैतिक मूल्यों, कौशल विकास, नवाचार, उद्यमिता एवं शोध-उन्मुख दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने अध्ययनकाल का पूर्ण सदुपयोग करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक दक्षता एवं नवाचारपरक दृष्टिकोण का विकास करें।
इस अवसर पर प्रो. तरुणा, विभागाध्यक्ष, प्रबंध अध्ययन विभाग ने विभाग की रूपरेखा, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, विभागीय गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। विभाग के शिक्षक डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. लता बाजपेयी सिंह, डॉ रमेश चतुर्वेदी, डॉ. अर्पित शैलेश एवं डॉ. सलिल सेठ ने विद्यार्थियों को क्रमशः पाठ्यक्रम,इंटर्नशिप,प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट, एंटी रैगिंग, विद्यार्थी आचार संहिता एवं परीक्षा और उपस्थिति समेत अन्य अकादमिक पहलुओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक एवं भारतीय व्यावसायिक परिदृश्य के अनुरूप ज्ञान, कौशल एवं दक्षताओं के सतत विकास पर विशेष बल दिया। संकायध्यक्ष प्रो अमित सिंह ने अपने उद्बोधन मे विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता, उद्योग-अकादमिक संवाद तथा विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न सेमिनार, कार्यशाला एवं अन्य अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ सलिल सेठ ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, विभागाध्यक्ष, विभाग के सभी शिक्षकों एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक उपस्थित रहे |
‘दीक्षारम्भ-2026’ कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालयी जीवन की नई यात्रा के शुभारम्भ के साथ उन्हें शैक्षणिक उत्कृष्टता, कौशल विकास, नवाचार एवं नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।