आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का मुनाफा 196.5% बढ़कर 1,045 करोड़ रुपये, जमा में 25.9% की वृद्धि

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई ; आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। दूसरी तिमाही में बैंक का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 196.5 प्रतिशत बढ़कर 1,045 करोड़ रुपये पहुंच गया। पहली छमाही में बैंक का पीएटी 2,120 करोड़ रुपये रहा, जबकि परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) 0.99 प्रतिशत दर्ज किया गया।

बैंक के कुल डिपॉजिट में भी मजबूत वृद्धि हुई। जमा सालाना आधार पर 25.9 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 11.8 प्रतिशत बढ़कर 3,48,583 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी तिमाही में औसत सीएएसए अनुपात 48.4 प्रतिशत रहा। वहीं, कुल लोन और एडवांस सालाना आधार पर 30.1 प्रतिशत बढ़कर 3,46,913 करोड़ रुपये पहुंच गए।

बैंक का मुख्य ऑपरेटिंग प्रॉफिट, ट्रेडिंग लाभ को छोड़कर, सालाना आधार पर 38.5 प्रतिशत बढ़कर 2,527 करोड़ रुपये रहा। परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर बनी रही। सकल एनपीए 1.32 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.40 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक ने लगातार दूसरी तिमाही में खर्चों की वृद्धि को आय की वृद्धि से लगभग 500 आधार अंक नीचे बनाए रखा।

दूसरी तिमाही में बैंक ने 34,390 करोड़ रुपये के एफसीएनआर (बी) डिपॉजिट जुटाए। ये मुख्य रूप से तीन से पांच वर्ष की अवधि के हैं, जिससे बैंक को दीर्घकालिक स्थिर नकदी उपलब्धता मिलने की उम्मीद है। बैंक के अनुसार, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) से मिलने वाले लाभ को शामिल करने पर इन जमाओं की कुल लागत घरेलू फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में करीब एक प्रतिशत कम है।

बैंक के एमडी एवं सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा कि लगातार दूसरी तिमाही में मुनाफा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। उन्होंने मजबूत परिचालन प्रदर्शन, घटते कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात और एफसीएनआर (बी) जमा को बैंक की प्रमुख उपलब्धियां बताया। इस बीच, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बैंक को पहली बार लंबी अवधि की ‘बीबीबी-’ रेटिंग दी है, जो निवेश श्रेणी में आती है।

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