
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जम्मू : कश्मीर घाटी में रेल संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और तेज बनाने की दिशा में पंपोर PMPE रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। स्टेशन पर कार्यरत पुराने पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग EI से सफलतापूर्वक प्रतिस्थापित कर दिया गया हैं। जिसमें स्टेशन पर कार्यरत पूराने इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के बदले पैनल को विजुअल डिस्प्ले यूनिट में बदल दिया गया है। इसके लगने से रूट सेटिंग तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित होगी। सिग्नल विफलता में कमी आएगी और भविष्य में ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसी क्रम में एक और महत्वपूर्ण पहल के साथ – कश्मीर घाटी में अनंतनाग गुड शेड के बाद पंपोर गुड शेड भी पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। इस यार्ड की लाइनों को हाल ही में हुए, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के जरिए, मेन लाइनों से जोड़ दिया गया हैं,
यह घाटी का दूसरा समर्पित माल लदान-उतरान केंद्र है और शीघ्र ही संचालन हेतु खोला जाएगा।
पंपोर गुड शेड से होने वाले लाभों पर बात करें, तो सबसे पहले सड़क की तुलना में रेल से माल ढुलाई रोड यातायात के मुकाबले काफी सस्ती है। एक रेक से सैकड़ों ट्रकों का काम एक साथ हो जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी। सड़क पर मौसम, लैंडस्लाइड व जाम से देरी होती है। रेल समय-सारणी अनुसार चलती है, जिससे सेब, केसर, सीमेंट जैसे उत्पादों की डिलीवरी निश्चित समय पर होगी।
जम्मू मंडल में होने वाली सफल पहलों पर उचित सिंघल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू ने बताया, “कि पंपोर गुड शेड का शुरू होना कश्मीर घाटी के व्यापार और कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। रेल परिवहन सड़क की तुलना में सस्ता, सुरक्षित और भरोसेमंद है। इससे किसानों की उपज बाजार तक तेजी से पहुंचेगी और परिवहन लागत कम होने से उनकी आय बढ़ेगी।”
जम्मू मंडल यात्रियों और माल ग्राहकों को सुरक्षित, समयबद्ध व किफायती सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।