
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया। पिछले 56 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थी सुबह 11 बजे मंत्री आवास पर एकत्र हुए। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्होंने राम दरबार स्थापित कर सुंदरकांड का पाठ शुरू किया। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का अनुपालन कराने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देते हुए 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। साथ ही, आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी कई बार बेसिक शिक्षा मंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसी कारण उन्हें दोबारा प्रदर्शन करना पड़ा।

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने घोषणा की कि अभ्यर्थी अब भूख हड़ताल शुरू करेंगे। मांगों पर ठोस निर्णय होने तक क्रमिक भूख हड़ताल और धरना जारी रहेगा। ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत प्रतिदिन किसी जनप्रतिनिधि के आवास पर पहुंचकर न्याय की मांग भी उठाई जाएगी।
महिला मोर्चा की प्रतिनिधि रंजना जायसवाल ने कहा कि महिला अभ्यर्थी भी लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने सरकार से आरक्षण संबंधी विसंगति दूर कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि आरक्षण संबंधी विसंगति दूर कराने और पात्र अभ्यर्थियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए है।
