चित्रकूट में 25 से 27 अक्टूबर तक होगा तीन दिवसीय शरदोत्सव, संत समाज और नगरवासियों की सहमति

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : भारतरत्न नानाजी देशमुख के जन्मदिवस एवं शरद पूर्णिमा के अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट की जनता और जिला प्रशासन सतना के सहयोग से संस्कृति संचालनालय, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या भक्ति, लोककला और भारतीय परंपराओं के नाम रही। सोमवार को दीनदयाल परिसर में जगन्नाथ पुरी की अभिनयना डांस अकादमी ने श्रीकृष्ण बाल लीला पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की, जबकि अहमदाबाद की आशा वैष्णव एवं उनके साथियों ने भक्ति गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ तुलसी पीठ चित्रकूट के युवराज स्वामी श्री रामचन्द्र दास सहित संतों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि स्वामी रामचन्द्र दास ने कहा कि चित्रकूट त्याग और संतों की पावन भूमि है। यहां रणछोड़ दास जी महाराज, भारतरत्न नानाजी देशमुख और जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज जैसी विभूतियों ने संस्कृति, परंपरा और मानव सेवा का संदेश दिया है। संत माधव दास जी महाराज ने कहा कि नानाजी का व्यक्तित्व और कृतित्व समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत रामनाथ आश्रमशाला के बच्चों के बुंदेलखंडी दिवारी लोकनृत्य से हुई। इसके बाद सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की काली नृत्य प्रस्तुति, सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय का मराठी नवदुर्गा लोकनृत्य, ग्रामोदय विश्वविद्यालय का राई लोकनृत्य और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय की योग प्रस्तुति ने दर्शकों की सराहना बटोरी। परमानंद आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों ने पिरामिड प्रस्तुति से भी प्रभावित किया।

जगन्नाथ पुरी की अभिनयना डांस अकादमी के कलाकारों ने रोजालिन सुंदराय के निर्देशन में ओडिसी शैली में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी मंचन किया। इसके बाद आशा वैष्णव एवं उनके साथियों ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के भजनों से वातावरण भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम में अनेक संत, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन साकेत शुक्ला एवं अशोक दीक्षित ने किया।

आज शरदोत्सव का समापन

27 अक्टूबर को तीसरी सांस्कृतिक संध्या में शासकीय संगीत महाविद्यालय मैहर के कलाकार ऐतिहासिक मैहर वाद्यवृंद की जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद मुंबई के बॉलीवुड पार्श्व गायक श्रीराम अय्यर एवं साथी सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम शाम सात बजे से दीनदयाल परिसर में आयोजित होगा।

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