
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / गाज़ियाबाद : उत्तर रेलवे द्वारा ट्रेनों के परिचालन को अत्यधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और संरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक पहल की गई है। उत्तर रेलवे के विद्युत (इलेक्ट्रिकल) विभाग द्वारा ट्रैक्शन पावर कंट्रोलर्स (TPCs) के तकनीकी कौशल, परिचालन क्षमता और संरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का मुस्तैद आगाज़ किया गया है।

सभी 6 रेल मंडलों के प्रहरियों ने लिया भाग, गाजियाबाद में हुआ आयोजन
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, इस वृहद् परियोजना के अंतर्गत नवंबर के अंत तक कुल छह बैचों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई है, जो उत्तर रेलवे के सभी छह मंडलों को कवर करेगी।

इसी श्रृंखला के तहत आयोजित प्रथम तीन दिवसीय तकनीकी बैच में उत्तर रेलवे के सभी छह रेल मंडलों— जम्मू, फिरोजपुर, अंबाला, दिल्ली, मुरादाबाद तथा लखनऊ से आए 14 विद्युत प्रहरियों व अधिकारियों ने मुस्तैदी से भाग लिया। इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन विद्युत प्रशिक्षण केंद्र (ETC), गाजियाबाद में किया गया।
स्काडा (SCADA) सिम्युलेटर पर आपातकालीन अभ्यास और चाणक्यपुरी में फील्ड विजिट
ट्रैक्शन पावर कंट्रोलर्स (TPCs) रेल नेटवर्क पर 25 KV ट्रैक्शन बिजली आपूर्ति की निरंतर निगरानी, आपातकालीन व्यवधानों के कुशल प्रबंधन तथा परिचालन नियंत्रण प्रणालियों के बीच विधिक समन्वय स्थापित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाते हैं।

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में क्लासरूम लर्निंग के साथ-साथ दिल्ली मंडल में स्काडा (SCADA) व आरसीसी (RCC) प्रणालियों का लाइव अवलोकन कराया गया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रहरियों को स्काडा ट्रेनिंग सिम्युलेटर पर आपातकालीन स्थितियों से सुरक्षित निपटने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जबकि तीसरे दिन चाणक्यपुरी स्थित 25 केवी ट्रैक्शन सब-स्टेशन पर उपकरणों के विधिक संचालन व सुरक्षा प्रणालियों की फील्ड ट्रेनिंग दी गई।

ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा व फीडबैक के बाद सभी सफल प्रतिभागियों को विधिक प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
