भारत मंडपम में उप्र के ऊर्जा मंत्री शर्मा बोले कि एग्रीवोल्टाइक्स से यूपी का किसान बनेगा ‘ऊर्जादाता’

अशोक यादव, लखनऊ / नई दिल्ली: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित सातवें ‘एग्रीवोल्टाइक वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस’ के ‘स्टेट मिनिस्टेरियल पिच’ सत्र में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए के शर्मा ने प्रदेश का अत्याधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा विज़न प्रस्तुत किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट नीतिगत घोषणा की कि उत्तर प्रदेश देश का ‘फूड बाउल’ होने के साथ-साथ अब खेती की उपजाऊ जमीन छीने बिना स्वच्छ ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में राज्य का संकल्प है कि अन्नदाता किसान अब ‘ऊर्जादाता’ भी बने।

एक ज़मीन से तीन परिणाम; वाराणसी में लगेगा पहला एग्रीवोल्टाइक पायलट प्लांट

ऊर्जा मंत्री ने रेखांकित किया कि यूपी में लगभग 3 करोड़ किसान हैं, जिनकी 80% कृषि जोत एक हेक्टेयर से छोटी है। ऐसे में ‘एग्रीवोल्टाइक्स’ (ऊंचे सोलर पैनल्स के नीचे फसलों की खेती) एक रणनीतिक समाधान है, जिससे खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और स्थानीय रोज़गार के तीन बड़े उद्देश्य एक साथ सिद्ध होंगे। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसे इस तकनीक के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से तकनीकी सहायता प्राप्त हुई है। इसके तहत भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIVR), वाराणसी में 100 किलोवाट क्षमता का पहला पायलट प्लांट क्रियान्वित किया जा रहा है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में यूपी का देश में डंका; कई श्रेणियों में नंबर-1
श्री ए के शर्मा ने उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व सौर उपलब्धियों के विखंडित आंकड़े प्रस्तुत किए:

  • पीएम सूर्य घर योजना: यूपी देश में प्रथम स्थान पर है, जहाँ 9 लाख घरों में 3,018 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग चुके हैं [18-10-2026]।
  • पीएम-कुसुम योजना: कंपोनेंट C1 में यूपी देश में नंबर-1 है, जिसके तहत 8,896 कृषि पंप सौर ऊर्जा से जोड़े जा चुके हैं [18-10-2026]।
  • बायो-एनर्जी व ग्रीन हाइड्रोजन: 42 कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स के साथ यूपी अग्रणी है तथा गोरखपुर व रामपुर में ग्रीन हाइड्रोजन के पायलट प्लांट संचालित हैं।

निवेशकों के लिए विशेष छूट और ‘विकसित यूपी @2047’ का बड़ा रोडमैप
प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत निवेशकों को 100% स्टांप ड्यूटी छूट, 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में रियायत तथा भारी कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। ‘विकसित यूपी @2047’ के तहत राज्य ने वर्ष 2030 तक 32 गीगावॉट और वर्ष 2047 तक 150 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) और एमएमएमयूटी के साथ दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा मंत्री ने वैश्विक साझीदारों को इस हरित मिशन से जुड़ने का पुरज़ोर निमंत्रण दिया ।

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