
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट: देश-दुनिया को स्वावलम्बन का संदेश देने वाले राष्ट्रऋषि भारतरत्न नानाजी देशमुख के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में पावन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में बहुवर्णी कलाओं के ऐतिहासिक उत्सव ‘‘शरदोत्सव’’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. संस्कृति संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान एवं जिला प्रशासन सतना के संयुक्त सहयोग से आयोजित होने वाली यह सांस्कृतिक संध्या प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट और विशिष्ट विधिक छाप छोड़ती है, जिसका स्थानीय आम जनमानस को बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है.
श्रीकृष्ण बाल लीला की प्रस्तुति और मुंबई के कलाकारों का सुगम संगीत
शरद पूर्णिमा के पावन विधिक व पारंपरिक अवसर पर दीनदयाल परिसर में प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक समागम में देश के नामचीन कलाकार अपनी कला का विस्मयकारी प्रदर्शन करेंगे. इसके अंतर्गत मुख्य आकर्षण के रूप में जगन्नाथ पुरी के अभिनयना डांस अकादमी के कुशल कलाकारों द्वारा भक्ति गायन के साथ मनमोहक ‘श्रीकृष्ण बाल लीला’ की सघन नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी. इसके साथ ही, बॉलीवुड के विख्यात पार्श्व गायक श्रीराम अय्यर एवं साथी (मुंबई) द्वारा सुगम व समकालीन संगीत की सुर लहरियां बिखेरी जाएंगी, जो उपस्थित श्रोताओं को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देंगी.
शरद पूर्णिमा पर खीर प्रसादी का वितरण और लोक लोक-संस्कृति का समागम
आयोजक मंडल द्वारा दी गई आधिकारिक विधिक आख्या के अनुसार, उत्सव के दौरान शरद पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से पवित्र खीर प्रसादी का वृहद् वितरण भी किया जाएगा. राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के रचनात्मक जन-कल्याणकारी विज़न को समर्पित इस उत्सव में विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों के लोकगीत और संगीत गूंजेंगे. यह आयोजन न केवल बुंदेलखंड व भारत की समृद्ध लोक-कला परंपराओं के संरक्षण का विधिक माध्यम बन रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक विरासत और सनातन जीवन-मूल्यों से जोड़ने का एक जीवंत व गौरवशाली पिकनिक केंद्र भी साबित हो रहा है.

