
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और श्रीरामचन्द्र पथ गमन न्यास के तत्वावधान में चित्रकूट के पावन राघव प्रयाग घाट पर सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव के तीसरे दिन प्रभु श्रीराम के वनवास और केवट संवाद के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। आगामी दिनों तक चलने वाले इस भव्य सांस्कृतिक महाकुंभ में देश-विदेश के विख्यात कलाकारों द्वारा प्रभु श्रीराम के जीवन-चरित्र पर आधारित विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया जा रहा है।

वरुण प्रपन्नाचार्य और डीएम पुलकित गर्ग की मौजूदगी में हुआ भव्य शुभारंभ
उत्सव के तीसरे दिन के मुख्य विधिक सत्र का औपचारिक शुभारंभ पूज्य बड़ा मठ के महन्त वरुण प्रपन्नाचार्य जी, पूज्य महंत आनंद दास जी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, बांदा-चित्रकूट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी, भाजपा सतना के जिला उपाध्यक्ष राव प्रवल श्रीवास्तव तथा नगर अध्यक्ष रवि गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस पावन अवसर पर चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने देश-विदेश से आए कलाकारों का विधिक अभिनंदन किया।

यक्षगान और भागवतम् कला शैलियों से जीवंत हुए रामायण के वैश्विक प्रसंग
तीसरे दिन राम-सीता-लक्ष्मण का वनगमन, केवट प्रसंग, भरत मिलाप और खर-दूषण वध का जीवंत व भावपूर्ण मंचन देखने को मिला। विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति (उज्जैन) के सचिव व वरिष्ठ रंगकर्मी विजेन्द्र यादव की मुस्तैद देखरेख में आयोजित इस उत्सव में रूस की प्रतिष्ठित मंडली सहित भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।

दर्शकों को इसमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की विख्यात मंडलियों द्वारा क्रमशः यक्षगान और भागवतम् शैली में रामकथा के विविध वैश्विक रूपों का विस्मयकारी विधिक दर्शन प्राप्त हो रहा है।
