जेम पर यूपी की उपलब्धि, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस के माध्यम से शासकीय खरीद में पारदर्शिता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश को बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश को जेम पर श्रेष्ठ योगदान के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रदेश को बधाई दी है।

मंगलवार को एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल एवं स्टेट जेम नोडल एवं डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें इस उपलब्धि से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने जेम के माध्यम से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ छोटे उद्यमों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जेम के माध्यम से सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और समावेशिता का मॉडल प्रस्तुत किया है। तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हमारे प्रयासों की राष्ट्रीय स्वीकृति है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी खरीद का अधिकतम लाभ प्रदेश के एमएसई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले। 26 नवंबर 2024 को जारी समावेशी खरीद नीति के शासनादेश के बाद एमएसई की भागीदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है और यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत तक पहुंच गई है, यह इस नीति की सफलता है। जेम ने यूपी के छोटे उद्यमियों को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के सरकारी बाजार से जोड़ा है। कानपुर में प्लॉट-शेड की नीलामी में आरक्षित मूल्य से 409 प्रतिशत अधिक मूल्य मिलना साबित करता है कि ई-गवर्नेंस से सरकारी संपत्तियों का भी बेहतर प्रबंधन हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार – जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड से सम्मानित किया।

प्रदेश सरकार ने प्रारंभ से अब तक जेम के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय खरीद की है, जिसमें 55,972 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद एमएसई से हुई है। कुल शासकीय खरीद में एमएसई की भागीदारी 55 प्रतिशत से अधिक रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक कुल 7,235 करोड़ की खरीद में एमएसई से 4,253 करोड़ यानी 59 प्रतिशत की खरीद हुई, जिसमें यूपी के एमएसई की हिस्सेदारी 86 प्रतिशत रही। वर्ष 2023-24 में यह हिस्सेदारी 43 प्रतिशत थी, जो चार वर्षों में बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है।

जेम ने यूपी के छोटे उद्यमियों को देशभर का बाजार दिया है। प्रारंभ से अब तक प्रदेश के एमएसई को जेम से 1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार मिला है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक महिला उद्यमियों को 2,202 करोड़, एससी/एसटी उद्यमियों को 255 करोड़ और स्टार्टअप्स को 2,360 करोड़ का कारोबार मिला। जेम सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर मूल्य दिलाने का भी माध्यम बना है। उद्योग निदेशालय, कानपुर ने 13 से 21 जुलाई के बीच 34 औद्योगिक प्लॉट एवं शेड की नीलामी की, जिसका आरक्षित मूल्य 6.39 करोड़ था, जो बोली के बाद 32.54 करोड़ में बिका। सरकार को 26.15 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई।

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