एआई तकनीक उद्योग और उद्यमिता में बदलाव की प्रमुख शक्ति : बीबीयू में विशेषज्ञों ने रखे विचार

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार 18 अगस्त को इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (IIC) और विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ‘एआई-संचालित समाधान: उद्यमिता एवं स्टार्टअप्स (AI-Powered Solutions: Entrepreneurship & Startups)’ विषय पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उद्यमिता, नवाचार और उभरते स्टार्टअप के अवसरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल और आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता के तौर पर एनर्जी एक्सेम्प्लर, पुणे के सीनियर एनर्जी मार्केट एनालिस्ट डॉ. बी.वी. सूर्य वर्धन मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल अग्रवाल, डॉ. भीम सोनकर और डॉ. ईशान श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) वर्तमान समय में शिक्षा, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों के ज्ञान के साथ नवाचार और उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे एआई आधारित समाधानों के माध्यम से नए स्टार्टअप्स एवं रोजगार के अवसर सृजित कर सकें। प्रो. मित्तल ने युवाओं से तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक सोच विकसित करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कहा कि एआई के दौर में सफल उद्यमिता के लिए केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि समस्या की पहचान कर उसके व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान विकसित करने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी रचनात्मक सोच और उद्यमशील दृष्टिकोण के साथ जोड़ें, तो वे उद्योगों की वास्तविक चुनौतियों का समाधान करते हुए प्रभावशाली स्टार्टअप्स की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रयोग के साथ निरंतर सीखने और प्रयोग करने की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।

मुख्य वक्ता के तौर पर एनर्जी एक्सेम्प्लर, पुणे के सीनियर एनर्जी मार्केट एनालिस्ट डॉ. बी.वी. सूर्य वर्धन ने ने उद्योग जगत के दृष्टिकोण से विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान समय में उद्योगों और व्यवसायों के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से नवाचार, नए व्यावसायिक अवसरों और स्टार्टअप्स के विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ उद्यमशील सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल अग्रवाल के साथ डॉ. भीम सोनकर एवं डॉ. ईशान श्रीवास्तव ने भी चर्चा में अपने विचार साझा करते हुए विषय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। सत्र के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे एआई-संचालित तकनीकें नए समाधान देने के साथ-साथ उद्यमशीलता की सोच को भी बढ़ावा दे सकती हैं और इससे विद्यार्थियों और उभरते हुए इनोवेटर्स के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी।

इस अवसर पर विभिन्न शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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