कस्तूरबा कन्या विद्या मंदिर के पुनर्जीवन की दिशा में बढ़ते कदम

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, इंदौर : कस्तूरबा ग्राम स्थित कस्तूरबा कन्या विद्या मंदिर एवं बुनियादी पाठशाला, जो कभी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन के लिए जानी जाती थी, आज आधारभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद गरीब, असहाय, अनाथ एवं आदिवासी परिवारों की लगभग 200 छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर रही है।

कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष करुणाकर त्रिवेदी के मार्गदर्शन एवं प्राचार्या श्रीमती साक्षी पांडे के नेतृत्व में विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

विद्यालय की आवश्यकताओं को देखते हुए देवास–भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (DBCPL) ने अपने सामाजिक दायित्व के तहत विद्यालय के विकास में सहयोग की पहल की है। इस प्रयास का उद्देश्य छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और विद्यालय के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है।

विद्यालय प्रबंधन ने उद्योग जगत, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से भी इस प्रयास में सहभागी बनने का आह्वान किया है, ताकि यह ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान एक बार फिर अपनी गौरवपूर्ण पहचान स्थापित कर सके।

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