
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय एवं मासिक भत्तों में 50 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय अधिवक्ता समाज के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से न्यायालयों में प्रभावी पैरवी करने वाले अधिवक्ता राज्य की न्यायिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
मौर्य प्रयागराज में समारोहपूर्वक आयोजित एक कार्यक्रम मे सभी सरकारी अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और अब अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे सरकार की ओर से आवंटित मामलों की पूरी निष्ठा एवं मजबूती से पैरवी कर न्याय के पक्ष को और सशक्त बनाएं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और न्यायालयों में चले लंबे विधिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें अधिवक्ताओं का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज( इलाहाबाद) उच्च न्यायालय की प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्तर पर है। यहां के अधिवक्ताओं ने देश की न्यायिक व्यवस्था को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जुड़े अनेक विधिवेत्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय सहित देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है।
मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, विकास और सुशासन के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है, जिसके कारण जनता का विश्वास सरकार के प्रति लगातार बढ़ा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन की नीतियों पर अपना भरोसा बनाए रखेगी।
उप मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित ज्ञापनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी विषयों को शासन स्तर पर गंभीरता से रखा जाएगा तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का सम्मान किसी भी स्थिति में कम नहीं होने दिया जाएगा और उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अधिवक्ताओं से संगठन और समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा जनहित एवं राष्ट्रहित के प्रति अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, सांसद प्रवीण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारीगण, वरिष्ठ अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
