अल्पसंख्यक छात्र तथा मदरसा छात्रों के डेंटल स्वास्थ्य के लिए विशेष सीएसआर पहल, कोलगेट के साथ साझेदारी

अशोक यादव, लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार का अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के समग्र स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। इसी क्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा अग्रणी कंपनी Colgate-Palmolive के साथ कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत एक विशेष कार्यक्रम प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के अल्पसंख्यक छात्र तथा मदरसों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों के डेंटल स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी के साथ कोलगेट समूह के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मदरसा छात्रों के बीच ओरल हाइजीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित जांच की व्यवस्था करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्रस्तावित योजना के अंतर्गत कोलगेट द्वारा सीएसआर पहल के तहत प्रदेश के अल्पसंख्यक छात्र तथा मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को निःशुल्क डेंटल किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इन किटों में टूथब्रश, टूथपेस्ट तथा अन्य आवश्यक सामग्री शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा डेंटल चेकअप कैंप भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर ही दांतों से संबंधित समस्याओं की पहचान और उपचार की सुविधा मिल सके।

राज्य मंत्री दानीश आजाद अंसारी ने कहा कि “योगी सरकार का लक्ष्य केवल शैक्षिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी समुचित ध्यान रखना है। यह पहल अल्पसंख्यक छात्रों तथा मदरसा छात्रों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी और उन्हें स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।”

कोलगेट समूह की ESG & COMMUNICATION DIRECTOR श्रीमती एम.एस. शिल्पा श्री ने भी इस साझेदारी को सामाजिक दायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि कंपनी समाज के विभिन्न वर्गों तक बेहतर ओरल केयर सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह संयुक्त प्रयास प्रदेश में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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