
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / लखनऊ : रेलवे बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, त्वरित एवं पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं उनके आश्रितों को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर बेहतर एवं सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई नीति के अनुसार अब रेलवे अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिट्स में उपचार, दवा वितरण तथा रेफरल संबंधी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस की जाएंगी। मरीजों को केवल अपना UMID (उम्मीद) कार्ड एवं HMIS में पंजीकृत मोबाइल नंबर साथ रखना होगा। डॉक्टर द्वारा HMIS प्रणाली में दवा दर्ज किए जाने के बाद मरीज सीधे फार्मेसी से UMID नंबर के माध्यम से दवा प्राप्त कर सकेंगे।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नई व्यवस्था में डिजिटल रेफरल प्रणाली को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। सामान्य परिस्थितियों में रेलवे चिकित्सक द्वारा रेफर किए गए मरीज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में UMID एवं OTP आधारित सत्यापन के माध्यम से उपचार प्राप्त कर सकेंगे। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज बिना पूर्व रेफरल के भी सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार प्रारंभ करा सकेंगे, जिसकी सूचना अस्पताल द्वारा निर्धारित समयावधि में HMIS पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनभोगियों को भी नई व्यवस्था में विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
70 वर्ष से अधिक आयु के RELHS लाभार्थियों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस OPD एवं जांच सुविधा उपलब्ध होगी, बशर्ते वे फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस प्राप्त न कर रहे हों। इसके अतिरिक्त अब अलग से RELHS कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी तथा केवल UMID कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। कैंसर एवं ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर रोगों के उपचार हेतु भी व्यापक डिजिटल रेफरल व्यवस्था लागू की गई है, जिससे मरीजों को बार-बार रेफरल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। रेलवे द्वारा टाटा मेमोरियल सेंटर सहित विभिन्न सूचीबद्ध संस्थानों में डिजिटल माध्यम से उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
नई नीति के अंतर्गत निजी अस्पतालों के बिल भुगतान की प्रक्रिया भी HMIS आधारित डिजिटल प्रणाली से की जाएगी। साथ ही मरीज HMIS एप्प के माध्यम से उपचार संबंधी फीडबैक एवं रेटिंग भी दे सकेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। रेलवे बोर्ड की यह पहल “एक रेलवे – एक कार्ड” की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, सरल एवं जनहितकारी बनाना है।