उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बाराबंकी में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में की सहभागिता

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, बाराबंकी / लखनऊ : प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आलू उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इसके लिए विपणन के नए अवसरों का लाभ उठाना जरूरी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपने आलू को अन्य राज्यों जैसे ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भेजकर बेहतर कीमत प्राप्त कर सकते हैं।

बुधवार को अयोध्या और देवीपाटन मंडल के आलू कृषकों व हितधारकों के साथ क्रेता-विक्रेता सम्मेलन गांधी सभागार, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बाराबंकी में आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने की और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, शीतगृह स्वामियों और उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए आलू के उत्पादन, भंडारण और विपणन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

मंत्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में आलू के विपणन की व्यापक संभावनाएं हैं और किसानों को मौजूदा बाजार दरों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी किसानों को आलू का अच्छा मूल्य मिलने की संभावना है। उन्होंने किसानों से बाजार की मांग के अनुसार अन्य राज्यों में भी आलू की आपूर्ति बढ़ाने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान किसानों और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने आलू, मेंथा और टमाटर के अधिक उत्पादन के बावजूद भंडारण सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ लेकर नई इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यमियों और किसानों को आगे आने का आह्वान किया। साथ ही मंडी परिषद में कोल्ड रूम की स्थापना की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

उद्यान मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आगरा में आलू अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है, जिससे आलू उत्पादन और अनुसंधान को नई दिशा मिल रही है। इसके अलावा बाराबंकी में पुष्प उत्पादन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर तथा रायबरेली के शिवगढ़ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ हनी की स्थापना जैसी पहलें भी किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और शीतगृह स्वामियों की मांग को देखते हुए लखनऊ में जल्द एक कार्यालय कक्ष भी स्थापित किया जाएगा, जहां किसानों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर किया जा सकेगा।

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