
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी: रेल परिचालन की संरक्षा, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा तकनीकी उपकरणों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) आशीष जैन ने आज बनारस–झूंसी रेलखंड का व्यापक विंडो विधिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपनी उच्चस्तरीय कप्तानी टीम के साथ झूंसी, हंडियाखास एवं भीटी स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और रेल संरक्षा का बारीकी से जायजा लिया।

हंडियाखास में रिले रूम की जांच और पॉइंट्समैन से विधिक संवाद
डीआरएम आशीष जैन ने इन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज (FOB), सर्कुलेटिंग एरिया, लाइटिंग और साफ-सफाई के स्तर को परखा। उन्होंने हंडियाखास स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात पॉइंट्समैन व स्टेशन मास्टरों से सुरक्षित गाड़ी परिचालन और विधिक नियमों के अनुपालन की जमीनी जानकारी ली। तकनीकी विश्वसनीयता को पुख्ता करने के लिए उन्होंने पैनल इंटरलॉकिंग, आपातकालीन बटन, डेटा लॉगर, एक्सल काउंटर, आईपीएस (IPS) रूम, बैटरी रूम और रिले रूम का सघन निरीक्षण कर विधिक अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया । इसके अलावा, समपार फोन और अग्निशमन यंत्रों की लाइव कार्यशीलता भी जांची गई।

शून्य त्रुटि (Zero Defect) के साथ परिचालन करने के निर्देश; ये अधिकारी रहे मुस्तैद
डीआरएम ने कप्तानों को सख्त निर्देश दिए कि रेल परिचालन में संरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन हो और सभी जीवन रक्षक उपकरण हमेशा मुस्तैद रहें । इस उच्चस्तरीय प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (तृतीय) आयुष कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी आशुतोष पाण्डेय, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर पुष्पेंद्र बैस, सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक डी.के. सिंह तथा सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर गोपाल दास गुप्ता सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। जनसम्पर्क अधिकारी महेश गुप्ता द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
