यू.पी. रेरा का 10वें वर्ष में प्रवेश, हर वर्ष 1 मई को ‘रेरा दिवस’ मनाने का निर्णय

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर : उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने हर वर्ष 1 मई को ‘रेरा दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय यूपी रेरा के 10वें वर्ष में प्रवेश का भी प्रतीक है। रेरा अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना तथा रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के वातावरण को बढ़ावा देना है। पिछले 9 वर्षों में यूपी रेरा ने इन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक साकार किया है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इस अवधि में यूपी रेरा की उल्लेखनीय उपलब्धियां मुख्य रूप से राज्य सरकार की विकासोन्मुखी और उपभोक्ता हितैषी नीतियों तथा राज्य के नियोजन और औद्योगिक प्राधिकरणों की सक्रिय भूमिका के कारण संभव हो सकी हैं। नए प्रोजेक्ट्स के पंजीकरण में वृद्धि और साथ ही उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयास इस तथ्य के प्रमाण हैं।

परियोजना पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि
यूपी रेरा की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में 197 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए। इस प्रकार वर्ष 2025 में यूपी रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं की संख्या में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह गति वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में और तेज हुई है। इस अवधि में 106 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए, जो वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में 22 अधिक हैं, यानि कि 19 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि। यह वह समय होता है जिसे सामान्यतः प्रोजेक्ट पंजीकरण के दृष्टिकोण से धीमा माना जाता है, फिर भी यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को एक स्थिर और सुरक्षित वातावरण प्राप्त हुआ है, जो मुख्यतः राज्य सरकार के सकारात्मक हस्तक्षेप और यूपी रेरा द्वारा बनाए गए स्वस्थ वातावरण के कारण संभव हुआ है।

गौतमबुद्ध नगर, विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा गाजियाबाद, राज्य सरकार के प्रयासों से विकसित उपयुक्त आधारभूत संरचना और राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण पारंपरिक रूप से रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख केंद्र रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, विशेषकर वर्तमान राज्य सरकार के दौरान, निवेश अनुकूल नीतियां बनाई गई हैं और राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी रियल एस्टेट विकास के लिए अनुकूल आधारभूत संरचना विकसित की गई है। इस प्रकार जहां पहले रियल एस्टेट परियोजनाएं मुख्य रूप से एनसीआर क्षेत्र तक सीमित थीं, अब राज्य के अन्य हिस्सों में भी बड़ी संख्या में परियोजनाएं पंजीकृत हो रही हैं, जिनमें लखनऊ इस विविधीकरण का नेतृत्व कर रहा है। वर्ष 2025 में लखनऊ जिले से 67 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं, जबकि गौतमबुद्ध नगर से 69 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। यह राज्य सरकार द्वारा विकसित व्यापक आधारभूत संरचना और विकासोन्मुखी नीतियों के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन देने के कारण संभव हुआ है।

आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों में महत्वपूर्ण वृद्धि
पंजीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2023 में 55,297 इकाइयों के निर्माण की परिकल्पना की गई थी, वर्ष 2024 में 69,365 इकाइयां और वर्ष 2025 में 84,976 आवासीय इकाइयां प्रस्तावित की गईं, जो राज्य में बढ़ती मांग और मजबूत निवेश भावना को दर्शाती हैं। वर्ष 2025 में प्रस्तावित इकाइयों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 22.5 प्रतिशत अधिक रही, जो घर खरीदारों के लिए उपलब्ध इन्वेंट्री में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। इन तीन वर्षों में कुल 2,09,638 इकाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिससे लाखों घर खरीदारों को लाभ हुआ। वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में 33,206 इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है, जो इस क्षेत्र में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की सुनियोजित शहरी विकास नीतियों और आवास क्षेत्र को प्राथमिकता देने के कारण संभव हुआ है।

रिकॉर्ड निवेश से आर्थिक विकास और समृद्धि के संकेत
वर्ष 2023 में यूपी रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत ₹28,411 करोड़ का पूंजी निवेश प्रस्तावित था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर ₹44,526 करोड़ हो गया और वर्ष 2025 में ₹68,328 करोड़ तक पहुंच गया। इस प्रकार वर्ष 2025 में ₹23,802 करोड़ की उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 53.5 प्रतिशत अधिक है। यह राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में ₹25,156 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया है, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह ₹21,319 करोड़ था, जो राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश की गति बढ़ने का संकेत है। यह बढ़ता निवेश राज्य सरकार की औद्योगिक और निवेश प्रोत्साहन नीतियों, सिंगल विंडो सिस्टम, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और उद्योग तथा उपभोक्ताओं में विश्वास निर्माण के कारण संभव हुआ है।

घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत और विश्वास
रेरा ने घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। इसके तहत 6,252 रिकवरी सर्टिफिकेट के माध्यम से प्रमोटरों से ₹1,581 करोड़ की लंबित राशि वसूल कर आवंटियों के खातों में स्थानांतरित की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रमोटरों और आवंटियों के बीच समझौते के माध्यम से 1,777 रिकवरी सर्टिफिकेट के विरुद्ध ₹545 करोड़ की राशि प्राप्त की गई है। इस प्रकार कुल 8,029 आवंटियों को ₹2,126 करोड़ की लंबित राशि प्राप्त हुई है। इससे स्पष्ट है कि यूपी रेरा ने आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

समझौते के माध्यम से विवादों का त्वरित समाधान
रेरा पीठों, सुलह मंच और सीधे प्रमोटर व आवंटी के बीच समझौते के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान किया गया है तथा इन समझौतों को यूपी रेरा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। रेरा पीठों के समक्ष 3,095 मामलों में ₹1,883 करोड़, सुलह मंच के माध्यम से 1,617 मामलों में ₹648 करोड़ तथा सीधे समझौते के माध्यम से 6,665 मामलों में ₹3,412 करोड़ का निपटारा किया गया। इस प्रकार कुल 11,377 मामलों में ₹5,943 करोड़ की राशि का समाधान किया गया। यह रेरा की पारदर्शी, सक्रिय और प्रभावी विवाद निवारण प्रणाली को दर्शाता है, जिसे राज्य सरकार के सशक्त प्रशासनिक संकल्प और नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है।

‘रेरा संवाद’ बना प्रभावी जन शिकायत मंच
मई 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया ‘रेरा संवाद’ अब एक प्रभावी जन शिकायत निवारण मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। इस ऑनलाइन मंच पर अब तक 198 से अधिक सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 5,287 से अधिक मामलों का समाधान किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद की यह पहल रेरा की डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था तथा त्वरित न्याय प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अध्यक्ष का वक्तव्य
इस अवसर पर यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा, “पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश रेरा ने पारदर्शिता, जवाबदेही और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ये उपलब्धियां उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभावी नेतृत्व के बिना संभव नहीं थीं। रेरा ने न केवल परियोजनाओं के पंजीकरण और निवेश को बढ़ावा दिया है, बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि आवंटियों को उनका अधिकार समय पर मिले। 10वें वर्ष में प्रवेश करते हुए हमारी प्रतिबद्धता है कि हम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सुरक्षा और निवेश अनुकूल वातावरण को और सुदृढ़ करेंगे तथा सभी हितधारकों का विश्वास और मजबूत करेंगे।”

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