
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ: भारतीय रेल एवं शहरी मेट्रो प्रणालियों के आधुनिकीकरण तथा मानव संसाधन की व्यावसायिक दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण व दूरगामी नीतिगत विधिक कदम उठाया गया है। भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग’ के मध्य एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का मुख्य ध्येय रेल एवं मेट्रो क्षेत्र में क्षमता निर्माण, संयुक्त अनुसंधान, आधुनिक ज्ञान के आदान-प्रदान और शैक्षणिक सहयोग को संस्थागत रूप से सुदृढ़ करना है।
अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी और महानिदेशक प्रशांत मिश्रा ने किए विधिक हस्ताक्षर
इस ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर आईआरआईटीएम की ओर से अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी तथा उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग की ओर से महानिदेशक/CoET प्रशांत मिश्रा (IRSEE) ने मुस्तैदी से हस्ताक्षर किए। इस गरिमापूर्ण विधिक अवसर पर CoET के प्रिंसिपल एवं संयुक्त महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) सुदीप सिंह (IRTS) तथा यूपीएमआरसीएल के महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) कृष्ण शुक्ल सहित दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ संकाय सदस्य व विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
डिजिटल कोर्सेज और ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ आधारित मॉड्यूल पर रहेगा कड़ा फोकस
हस्ताक्षर की तिथि से आगामी पांच वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहने वाले इस विधिक समझौते के तहत दोनों संस्थान अपनी प्रयोगशालाओं, सिमुलेशन सुविधाओं, आधुनिक कक्षाओं और पुस्तकालयों जैसे बुनियादी ढांचे का साझा उपयोग कर सकेंगे। इसके अंतर्गत रेलवे प्रणाली, मेट्रो रेल परिचालन तथा शहरी परिवहन प्रबंधन पर विशेष संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और केस स्टडी विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर आधारित विशिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने, संकाय सदस्यों का परस्पर आदान-प्रदान करने तथा मौजूदा पाठ्यक्रमों को अत्याधुनिक डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित करने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे।
