किसानों के भुगतान से लेकर भंडारण तक, डॉ. मनोज पाण्डेय ने केन्द्रीय मंत्री जोशी के समक्ष रखे अहम मुद्दे

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी जी से मिलकर किसानों और खाद्यान्न खरीद व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं।

डॉ. पाण्डेय ने केंद्रीय मंत्री से राज्य के लंबित देयकों का शीघ्र भुगतान करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने तथा मक्का खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के खाद्यान्न खरीद प्रस्तावों पर केंद्र सरकार की कुछ स्वीकृतियां अभी तक नहीं मिली हैं, जिससे मंडी समितियों और अन्य संस्थाओं के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा मक्का और बाजरा खरीद के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए लगभग 118 करोड़ रुपये के सब्सिडी दावे का भुगतान भी लंबित है।

मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत परिवहन, हैंडलिंग और अन्य मदों के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए 632 करोड़ रुपये से अधिक के दावे का भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सफलतापूर्वक हुआ है। कुल खरीदे गए गेहूं का लगभग 72 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को सौंपा जा चुका है, जबकि शेष गेहूं के भंडारण और उठान के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि प्रयागराज, अयोध्या, झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, उन्नाव, चंदौली, बहराइच सहित कई जिलों में एफसीआई की भंडारण क्षमता पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अतिरिक्त गोदाम उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है।

मंत्री ने बताया कि धान खरीद के बाद कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) के निस्तारण में प्रदेश ने लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।मक्का खरीद के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश में खरीद शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। यदि किसानों की उपज अधिक मात्रा में खरीद केंद्रों पर आती है, तो राज्य सरकार लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध करेगी ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।

डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन विषयों पर शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं और खाद्यान्न खरीद व्यवस्था को आवश्यक राहत प्रदान करेगी।

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