
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल द्वारा रेल संरक्षा को पुख्ता करने और रेलपथों के अत्याधुनिक रख-रखाव को परखने के लिए एक कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह के साथ इंदारा–फेफना रेलखंड के अंतर्गत रतनपुरा–रसड़ा रेल खंड का पुश-ट्रॉली से सघन व बारीक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेल परिचालन को पूर्णतः सुरक्षित बनाने के लिए धरातल पर तकनीकी जांच की।

समपार संख्या 19 व 20 पर संरक्षा उपकरणों की कड़ाई से हुई विधिक जांच
पुश ट्रॉली निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने रेलपथ की वास्तविक स्थिति, ट्रैक फिटिंग, ड्रेसिंग, बैलास्ट बॉक्सिंग तथा पॉइंट एवं क्रॉसिंग की बारीकी से जांच की। उन्होंने किमी 30/32-30 पर स्थित समपार संख्या 20 स्पेशल तथा ओएचई किमी 29/21-23 पर स्थित समपार संख्या 19 स्पेशल का औचक संरक्षा निरीक्षण किया।

डीआरएम ने समपार फाटकों पर मुस्तैदी से तैनात गेटमैन सुशांत कुमार एवं अतुल कुमार से ट्रेन परिचालन के आपातकालीन विधिक नियमों की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित पटाखों, हैंड सिग्नल, लाल-हरी झंडियों, विंग लाइटों तथा आपातकालीन रजिस्टरों की कार्यशीलता को स्वयं जांचा और कप्तानों को पूर्ण सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

लोकेश सगरवंशी और सुनील पाण्डेय की मौजूदगी में झाड़ियां साफ करने के निर्देश
डीआरएम ने रेलपथ के आसपास उगी झाड़ियों एवं अन्य प्राकृतिक अवरोधों को तत्काल हटाकर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के समयबद्ध विधिक निर्देश दिए। इस सघन ट्रॉली निरीक्षण अभियान के दौरान मंडल इंजीनियर (सामान्य) लोकेश कुमार सगरवंशी तथा सहायक मंडल इंजीनियर (मऊ) सुनील पाण्डेय सहित तकनीकी विभागों के कई वरिष्ठ पर्यवेक्षक मुस्तैदी से उपस्थित रहे।


