
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, उन्नाव / लखनऊ : देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट 2026 का आयोजन किया गया। इस समिट में 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इनमें मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के विद्यार्थी शामिल हैं।
दरअसल, यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित सीयूसीईटी (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की थी। इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप मिली है। इन्हीं प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान करने के लिए सीयू स्कॉलर समिट का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि को तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय शामिल हुए। इस अवसर पर विशेष तौर पर राज्यसभा सांसद व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, प्रो. (डॉ.) विनीत कुमार नायर, वाइस चांसलर, सीयू यूपी समेत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो वाइस चांसलर प्रो डॉ टीपी सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री, योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आकर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। यह केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को खोजने, उन्हें तराशने और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने का एक उत्कृष्ट केंद्र है। आज यहां विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों और शोध मॉडलों को देखकर मैं निःशब्द हूं। फुटप्रिंट्स से बिजली उत्पादन जैसे अभिनव विचार यह दर्शाते हैं कि भारत का युवा केवल सीख नहीं रहा, बल्कि भविष्य के समाधान भी तैयार कर रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कार से जोड़ना है, और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इस विज़न को प्रभावी ढंग से साकार कर रही है। यहां के विद्यार्थियों में मैंने तकनीक के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी देखी है। राष्ट्रभक्ति केवल सीमा पर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान, नवाचार और कर्म के माध्यम से देश को आगे बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा है। संधू जी और उनकी टीम इसी भावना के साथ युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।
आज उत्तर प्रदेश देश का उभरता हुआ उच्च शिक्षा हब बन रहा है और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं की उपस्थिति इस परिवर्तन को नई गति दे रही है। मुझे विश्वास है कि यहां के विद्यार्थी विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे और अपने ज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार से भारत को वैश्विक नेतृत्व की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि प्रतिभा को पहचानने और आर्थिक बाधाओं को दूर कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से स्कॉलरशिप की पहल की है, ताकि कोई भी योग्य छात्र आर्थिक कारणों से अपने सपनों से समझौता न करे। हम सभी अपने जीवन में जो सपने पूरे नहीं कर पाते, उन्हें अपने बच्चों के माध्यम से साकार होते देखना चाहते हैं। इसलिए बच्चों के सपनों में किया गया निवेश सबसे महत्वपूर्ण निवेश है। आज की जेन-ज़ी के सपने पहले से कहीं अधिक बड़े, वैश्विक और महत्वाकांक्षी हैं। एआई दुनिया के हर क्षेत्र को बदल रहा है और आने वाले समय में तकनीक इतनी सक्षम होगी कि एक व्यक्ति स्वयं पूरी कंपनी संचालित करने की क्षमता रखेगा। ऐसे दौर में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे फ्यूचर लीडर्स तैयार करना है जो एआई और उभरती तकनीकों की शक्ति का उपयोग कर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भी सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की उपलब्धी हासिल करने पर बधाई देता हूं जिनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व के 4399 दिनों और लगातार तीसरे कार्यकाल ने देश के विकास के संकल्प को नई गति प्रदान की है।
देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लनरी यूनिवर्सिटी के रूप में हम विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, इनोवेशन माइंडसेट और ग्लोबल एक्सपोजर भी प्रदान कर रहे हैं। सीयू स्कॉलर्स समिट 2026 हमारे इसी विज़न का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हम देशभर से आए मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर रहे हैं। मुझे गर्व है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने मात्र एक वर्ष में शिक्षा, नवाचार और अवसरों का ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसने विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हमें विश्वास है कि यही युवा प्रतिभाएं विकसित भारत के संकल्प को साकार करते हुए देश को वैश्विक एआई और टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
कार्यक्रम में कई नामी इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एलुमिनाई भी शामिल हुए। विद्यार्थियों के लिए आयोजित विशेष इंडस्ट्री टॉक्स में अमन गुप्ता को-फाउंडर, बोट एवं फाउंडर, ऑफ बीट; डॉ. शैलेश कुमार ईवीपी एवं चीफ डेटा साइंटिस्ट, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड; अस्वथी वेणुगोपाल – सीनियर डायरेक्टर, कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस; अर्पित त्रिवेदी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, हिताची सिस्टम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अपराजिता गवर्नमेंट एडवाइजरी (क्लाइमेट चेंज, सस्टेनेबल डेवलपमेंट एवं पब्लिक पॉलिसी), स्टार्टइनयूपी; अपारशक्ति खुराना भारतीय अभिनेता एवं गायक, राधिका पंत, समेत सेलिब्रेटी और इंडियन सिंगर असीस कौर ने अपने अनुभव साझा किए।
एक्सपर्ट्स ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एंटरप्राइज सिस्टम्स, इंडस्ट्री-रेडी टेक्नोलॉजी स्किल्स, एआई, और भविष्य के इंजीनियरिंग करियर जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को बताया कि आज के दौर में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी और नई टेक्नोलॉजी को समझने की क्षमता भी बेहद जरूरी है।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि आने वाले समय में एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र को बदलने वाली हैं। ऐसे में जो छात्र समय के साथ खुद को अपडेट रखेंगे और नई स्किल्स सीखेंगे, उनके लिए करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।