उत्तर प्रदेश में गौकशी जैसी घटनाओं से संबंधित अपराध की रोकथाम के लिए गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश 2020 को मंजूरी

अशाेेेक यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार ने गौवंशीय पशुओं की रक्षा और गौकशी जैसी घटनाओं से संबंधित अपराध की रोकथाम के लिए गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी है।

इससे साफ हो गया कि सूबे में अब गोवंश को नुकसान पहुंचाने या फिर हत्या करने का अपराध गैरजमानती होगी। प्रदेश सरकार ने कहा कि गोवंश की हत्या करने वालों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

इसके अलावा अध्यादेश में गोवध के आरोपी का पोस्टर उसके मोहल्ले में लगाने का भी प्रावधान है। सरकार के मुताबिक इस अध्यादेश का उद्देश्य गोवध निवारण अधिनियम 1955 को अधिक प्रभावी बनाना है।


अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पहली बार में गोकशी का आरोप साबित होने पर 3 साल से लेकर अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है या 3 लाख से लेकर अधिकतम 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं, दूसरी बार गोकशी का आरोप साबित होने पर जुर्माने और सजा दोनों का प्रावधान है। गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। गोवंश का अंग-भंग करने और जीवन को खतरा पैदा करने के आरोपी को 1 से लेकर 7 साल तक की सजा और 1 लाख से लेकर 3 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।

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