अंतरराष्ट्रीय रामलीला का पांचवां दिन; कलाकारों ने जीवंत किया माता सीता-हनुमान संवाद और लंका दहन का भावुक प्रसंग

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट: मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा पावन राघव प्रयाग घाट पर आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामलीला उत्सव के पांचवें दिन प्रभु श्रीराम की वानर सेना के संगठन, बालि वध और अशोक वाटिका प्रसंग का विस्मयकारी मंचन किया गया [18-10-2026]. उत्सव के मुख्य विधिक सत्र का औपचारिक शुभारंभ पूज्य संत रामहृदय दास जी महाराज (महंत रामायणी कुटी), नन्हे राजा हेमराज चौबे (राजा साहब), उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री ,चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सद्गुरु सेवा संघ के ट्रस्टी डॉ इलेश जैन, सतना के डीएफओ मयंक चांदीवाल, शिवपुरी के डीएफओ सुधांशु यादव, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सुंदर मिश्रा तथा अतुल प्रताप सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति उज्जैन के कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत छटा
महोत्सव के पांचवें दिन ‘विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति (उज्जैन)’ के कुशल कलाकारों द्वारा बालि वध, सुग्रीव राज्याभिषेक, हनुमान जी का शक्ति स्मरण, लंका में प्रवेश, माता सीता-हनुमान संवाद तथा लंका दहन के दृश्य प्रदर्शित किए गए. अशोक वाटिका में हनुमान जी द्वारा प्रभु राम की दी हुई मुद्रिका (अंगूठी) नीचे गिराने तथा माता सीता के विरह को कम करने वाले इस संवाद ने उपस्थित श्रद्धालुओं को पूरी तरह भावविभोर कर दिया.

डॉ. मंजूषा राजस जोहरी और संजीव मालवीय की देखरेख में संपन्न हो रहा आयोजन
इस वृहद् अंतरराष्ट्रीय समागम का कुशल प्रशासनिक व विधिक समन्वय तुलसी शोध संस्थान की निदेशक डॉ. मंजूषा राजस जोहरी, शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय (उज्जैन) के प्रशासनिक प्रभारी डॉ. संजय मिश्रा, विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक संजीव मालवीय तथा विशाला ग्रुप के सचिव व वरिष्ठ रंगकर्मी बिजेन्द्र वर्मा द्वारा मुस्तैदी से किया जा रहा है. उत्सव के समापन अवसर पर मास्को (रूस) के पद्मश्री गेनादी पेचनी科व स्मृति दिशा रामलीला दल द्वारा रावण वध एवं भव्य ‘श्रीरामराज्य’ का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्य मंचन किया जाएगा.

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