आयकर विभाग – I&CI, लखनऊ का आउटरीच कार्यक्रम; ₹2,747 करोड़ के अघोषित वित्तीय लेन-देन का हुआ भंडाफोड़

अशोक यादव, लखनऊ : आयकर विभाग के आसूचना एवं अपराधिक अन्वेषण (I&CI) प्रकोष्ठ, लखनऊ द्वारा कर अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद् जन-जागरूकता व आउटरीच कार्यक्रम का भव्य आयोजन आयकर भवन 5, अशोक मार्ग में किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय कर प्रशासन की रीढ़ कहे जाने वाले कराधान की महत्ता पर प्रकाश डालना तथा उच्च मूल्य वाले निर्दिष्ट वित्तीय लेन-देन (SFT) की समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना रहा।

स्पॉट वेरिफिकेशन में ₹१४,४१४ करोड़ के त्रुटिपूर्ण लेन-देन उजागर
निदेशक (I&CI) एस.एच. उस्मानी तथा संयुक्त निदेशक श्रीमती सोनल सिंह के कुशल रणनीतिक नेतृत्व में विभाग ने कर अपवंचन के खिलाफ बड़ी विधिक सफलता प्राप्त की है। विभाग द्वारा किए गए 46 विशेष स्थल सत्यापनों (Spot Verification) के माध्यम से कुल 4,311 अघोषित (Unreported) वित्तीय लेन-देन उजागर हुए, जिनका कुल मूल्य ₹2,747.5 करोड़ आंका गया है। इनमें से ₹1,160.75 करोड़ मूल्य के 1,714 लेन-देन अब विधिवत रिपोर्ट कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्रयोगशाला स्तर पर कुल 26,628 त्रुटिपूर्ण लेन-देन (मूल्य ₹14,414.82 करोड़) पकड़े गए, जिनमें से ₹9,293.06 करोड़ के डेटा को संशोधित कर त्रुटिमुक्त किया गया है।

अचल संपत्ति के पंजीकरण में अब पैन (PAN) कार्ड हुआ अनिवार्य
उप निदेशक संदीप सिंह, आयकर अधिकारी राकेश कुमार वर्मा तथा आयकर अधिकारी (मुख्यालय) अभिषेक वर्मा के सहयोग से विभाग ने उत्तर प्रदेश शासन के साथ मिलकर एक बड़ा नीतिगत सुधार लागू कराया है। इसके तहत अब राज्य में ₹45 लाख या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री के पंजीकरण में पैन (PAN) का उल्लेख पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। बैंक नकद जमा-निकासी (SFT-03 व 04), टाइम डिपॉजिट (SFT-05) और ₹10 लाख से अधिक के शेयर आवेदनों (SFT-08) पर विभाग पहरा रख रहा है, जिससे प्रदेश में टैक्स चोरी पर लगाम कसी जा सकेगी।

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