
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में शुक्रवार को पीएम श्री राजकीय उत्तर प्रदेश सैनिक इंटर कॉलेज, सरोजनीनगर में “बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण” विषयक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के कुशल मार्गदर्शन तथा सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन पराविधिक स्वयं सेवक दयाराम मौर्य द्वारा किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को नालसा की “बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण के लिए योजना, 2015” के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। श्री मौर्य ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा बाल संरक्षण संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार, बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच की पहचान तथा बाल हेल्पलाइन 1098 के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

पीएलवी दयाराम मौर्य ने कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव अथवा विधिक समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ बच्चों की सहायता के लिए सदैव उपलब्ध है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें और समाज में कानून का सम्मान करने का संदेश फैलाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उत्तर दिया गया। छात्रों ने बाल अधिकार, साइबर क्राइम से बचाव और शिकायत की प्रक्रिया को लेकर जिज्ञासा जाहिर की। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य बच्चों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
