
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मझगवां : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद के आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग से दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित गेविनाथ सब्जी एवं दुग्ध कृषक उत्पादक संगठन, बिरसिंहपुर में कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापना हेतु कृषि यंत्रों का वितरण दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, कोषाध्यक्ष बसंत पंडित एवं महाप्रबंधक डॉ अनिल जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की उस दूरदर्शी परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आत्मनिर्भरता और किसानों का कल्याण था। कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्र बेहद न्यूनतम किराए पर मिल सकेंगे। इससे खेती की लागत में कमी आएगी, कृषि कार्यों में तेजी आएगी और अंततः किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सतना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि इस केंद्र के शुरू होने से न केवल पारंपरिक खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि मिलेट्स (मोटे अनाज) और सब्जी उत्पादन से जुड़े किसानों को सीधे तौर पर तकनीकी लाभ पहुंचेगा। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र का समस्त स्टाफ, कृषक उत्पादक संगठन के निदेशक महोदय एवं सदस्य गण उपस्थित रहे।