
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा “निंबस डिस्कवरी टूल के माध्यम से बीबीएयू ई-लाइब्रेरी का उपयोग कैसे करें” विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इसके अतिरिक्त मुख्य तौर पर डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, पुस्तकालय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुनील गोरिया, निबंस की कनिष्का जिंदल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. शिशिर कुमार और खाद्य एवं पोषण विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नीतू सिंह उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुनील गोरिया द्वारा कुलपति जी, विशिष्ट अतिथियों, निंबस के प्रतिनिधियों तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करने के साथ हुई।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान में डिजिटल संसाधनों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय शिक्षण, अधिगम एवं अनुसंधान का ज्ञान-केंद्र है। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे पुस्तकालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न प्रकार के ई-संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें तथा नव स्थापित निंबस ई-लाइब्रेरी नामक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएँ। प्रो. मित्तल ने बताया कि निंबस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी सदस्यता प्राप्त, मुक्त अभिगम तथा ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ के अंतर्गत उपलब्ध संसाधनों तक एक ही मंच से पहुँच संभव हो सकेगी। इससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी तथा उन्हें सभी ई-संसाधनों की सुविधा एक ही विंडो पर उपलब्ध होगी।
पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. सुनील गोरिया ने निंबस डिस्कवरी टूल तथा उसके मोबाइल ऐप आधारित प्लेटफॉर्म का परिचय देते हुए बताया कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय पुस्तकालय के समस्त ई-संसाधनों तक कहीं भी और कभी भी सहज पहुँच प्राप्त की जा सकती है।
तकनीकी सत्र में निंबस की कनिष्का जिंदल ने बीबीएयू के लिए विकसित निंबस डिस्कवरी प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताओं का प्रदर्शन किया तथा बताया कि किस प्रकार उपयोगकर्ता विभिन्न ई-जर्नल, ई-पुस्तकें, डेटाबेस एवं अन्य अकादमिक संसाधनों को एकीकृत खोज प्रणाली के माध्यम से खोज एवं उपयोग कर सकते हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम अपने उद्देश्यों की पूर्ति में पूर्णतः सफल रहा तथा प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
समापन अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं अकादमिक गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने हेतु डॉ. सुनील गोरिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही डॉ. सुनील गोरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों एवं संसाधन व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
समस्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।




